संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। किन्नौर जिले की जेएसडब्ल्यू परियोजना की ओर से अग्निशमन सेवा सप्ताह का आयोजन किया गया। इसके समापन अवसर पर परियोजना सुरक्षा प्रमुख एवं बांध सुरक्षा अधिकारी नितिन गुप्ता ने विशेष रूप से मौजूद रहे। इस मौके पर गुप्ता ने कहा कि अग्निशमन सलाहकार, गृह मंत्रालय और भारत सरकार के मार्गदर्शन में अग्निशमन सेवा सप्ताह मनाया जाता है। 14 अप्रैल 1944 के दिन मुंबई के बंदरगाह में विक्टोरिया डाक पर जहाज में भीषण आग लग गई थी और उसके बाद हुए विस्फोटों में जहाज की आग बुझाते समय 66 अग्निशमन जवान शहीद हो गए थे। उनकी सेवाओं का स्मरण करते हुए राष्ट्र स्तर पर अग्निशमन सेवा सप्ताह में आमजन को आग के प्रति हमेशा जागरूक रहने के लिए किया जा रहा है। इसके तहत जेएसडब्ल्यू हाइड्रो एनर्जी के सेफ्टी एंड फायर सर्विस विभाग की ओर से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसमें परियोजना एवं आस-पास के क्षेत्रों के लोगों को जागरूक किया गया कि आग की घटना न होने दें और अगर होती हैं तो क्या किया जाए। इसमें आग से बचाव और बुझाने के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। 21 मार्च विश्व वानिकी दिवस पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हटेगी फुलनु, लौटेगी चारागाह को ध्यान में रखते हुए अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य लैंटाना प्रभावित क्षेत्रों में जंगल की आग की रोकथाम और पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली के बारे में लोगों को जागरूक करना था। उन्होंने कहा कि गर्मियों के दौरान या शुष्क महीनों में जब बारिश नहीं होती है, तो जंगल चीड़ की सुइयों सहित सूखी सामग्री से अटे होते हैं। लोगों के बीच जंगल की आग के प्रभावों के बारे में समुदाय और हितधारकों को जागरूक करने के लिए अभियान का सार्थक परिणाम होगा। उन्होंने जन जागरुकता में लोगों से गुजारिश की कि जंगल में आग न लगाएं और पर्यावरण का बचाव करें। इस दौरान परियोजना कर्मियों को विभिन्न आपदाओं से निपटने के गुर भी सिखाए गए। इस मौके पर अजय नाथ, नितिन गुप्ता, योगेश मोहता, राजिंदर सिंह, हेमानंद, टेकचंद, सूर्य प्रकाश, शमशेर, भोला नंद, विकास भारद्वाज और संजीव सहित अन्य मौजूद रहे।