दलाश (कुल्लू)। भारी बारिश से कुल्लू जिले में सबसे अधिक क्षति हुई है। इसमें सड़कें, भवन और सेब के बगीचे शामिल हैं। निरमंड उपमंडल की हजारों की आबादी को लाभान्वित करने वाली बागीपुल-दुराह-नित्थर मार्ग एक सप्ताह से बंद पड़ी है। इस कारण क्षेत्र के लोगों खासकर बागवानों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
इस कारण बागवानों की सेब की फसल बगीचों और गोदामों में सड़ना शुरू हो गई है। इससे बागवान खासे परेशान हैं। क्षेत्र की राहणू, गमोग और शिल्ली पंचायतों में इन दिनों सेब सीजन चरम पर है लेकिन क्षेत्र की प्रमुख सड़क बंद होने से बागवान सेब की फसल को मंडी तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। क्षेत्र के लोगों की आर्थिकी का मुख्य साधन सेब उत्पादन है लेकिन मुख्य सड़क बाधित होने से बागवानों का सेब क्रेटों और गोदामों में सड़ रहा है। कुछ दिन पहले हुई भारी बारिश के कारण क्षेत्र में जगह-जगह भूस्खलन हुआ है और सड़क को कई स्थानों पर क्षति पहुंची है।
इससे मार्ग पर बथवा और सफेद ढांक में भारी भूस्खलन और चट्टानें दरक गई हैं। क्षेत्र के ग्रामीण राहुल बिष्ट, महेंद्र पाल, देवेंद्र, अमन, दुर्गा सिंह, गोविंद ठाकुर, राजू बिष्ट और मनमोहन सहित अन्यों का कहना है कि क्षेत्र की प्रमुख सड़क बंद होने से उनका सेब सड़ने की कगार पर आ गया है।
उन्होंने लोक निर्माण विभाग से मांग की कि जल्द सड़क को बहाल किया जाए, जिससे बागवानों की वर्षभर की मेहनत पर पानी फिरने से बचाया जा सके। लोक निर्माण विभाग निरमंड के अधिशासी अभियंता किशोरी लाल सुमन ने कहा कि सड़क बहाली का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। शनिवार शाम या रविवार तक सड़क को बहाल कर दिया जाएगा।