एनपीए और पदोन्नति को लेकर काले बिल्ले लगातार विरोध जता रहे हैं डॉक्टर
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। किन्नौर जिले के हजारों लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवा रहे डॉक्टर बीते 25 दिन से काले बिल्ले लगाकर विरोध जता रहे हैं। एसीपीएस, एनपीए और पदोन्नति की बहाली को लेकर जिले के डॉक्टर शांतिपूर्वक काले बिल्ले लगाकर ड्यूटी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री के साथ होने वाली 13 फरवरी की बैठक में अगर कोई उचित हल नहीं निकलता तो डॉक्टर संघर्ष को और तेज कर देंगे, जिससे सरकार और आम लोगों की परेशानियां बढ़ सकती हैं। गौर हो कि रविवार को किन्नौर जिले के चिकित्सकों का प्रदर्शन 25वें दिन भी जारी रहा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मांगों को लेकर 13 फरवरी को चिकित्सकों को बुलाया है। इसको लेकर क्षेत्रीय अस्पताल रिकांगपिओ में भी चिकित्सकों ने काले बिल्ले लगाकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रखा। डॉक्टर प्रदेश सरकार से एसीपीएस, नाॅन प्रैक्टिस अलाउंस (एनपीए) बहाल करने और तय अवधि पूरी कर चुके डॉक्टरों को बीएमओ, सीएमओ के पद पर पदोन्नत करने की मांग कर रहे हैं। किन्नौर मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. दिविज शर्मा, महासचिव डॉ. सोनम गियालच्छन नेगी ने कहा कि डॉक्टर अपने हितों की मांग कर रहे हैं। सरकार ने ही एनपीए, पदोन्नति जैसे मामलों को रोक रखा है। यह डॉक्टरों कोई नई मांग नहीं है। संघ की महासचिव डॉ. सोनम नेगी ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने उन्हें 13 फरवरी को मिलने का समय दिया है। हमें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री के साथ उनकी बातचीत सार्थक होगी और डॉक्टरों की सभी मांगों को जल्द बहाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगरमुख्यमंत्री के साथ 13 फरवरी की वार्ता असफल रही तो डॉक्टर कोई ठोस कदम उठाने को मजबूर हेांगे, जिसकी जिम्मेवारी प्रदेश सरकार की होगी।