बैसाखी के दिन हरिद्वार में करेंगे स्नान, देवप्रयाग होते हुए बद्रीनाथ धाम की करेंगे यात्रा
आराध्य देवता दो माह की पैदल यात्रा पूरा होने के बाद लौटेंगे देवालय
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। डोम देवता शरमला तीर्थ यात्रा के लिए निकले हैं। विष्णु स्वरूप महाराज डोम श्रेटा बैसाखी के दिन हरिद्वार में स्नान करेंगे। इसके बाद देवप्रयाग होते हुए अपने स्थान बद्रीनाथ धाम की यात्रा करेंगे। इसके बाद देवता साहिब केदारनाथ होते हुए अपनी माता की गोद में हाटकोटी में अपनी यात्रा पूर्ण करेंगे। वहीं देवता महाराज नगर कोटिया जिनकी सूरजकुंड कांगड़ा से उत्पत्ति हुई है, वो नगरकोट में 16 अप्रैल को दुर्गाअष्टमी के दिन अपने स्थान में जाकर स्नान करेंगे और रिवाल्सर होते हुए मगरू होकर वापस आएंगे। शरमला के साथ भड़ोग नामक स्थान पर नगरकोटेश्वर महाराज डोम श्रेटा का इंतजार करेंगे, जब वे वापस आएंगे, तब तक वो वहीं रहेंगे। उनके चार दिन हाटकोटी पहुंचने से पहले देवता महाराज देव स्वरूप देवता, जातरराजी महाराज भी यात्रा में जाएंगे, जिनकी उत्पत्ति जुब्बल रियासत से है। हाटकोटी माता के मंदिर में तीनों महाशक्तियां अपने स्थान में जाकर दिव्य शक्ति प्राप्त करेंगे। वह अपनी प्रजा को आशीर्वाद प्रदान करेंगे। सात खुंद, 20 घर के आराध्य देवता दो माह की पैदल यात्रा पूरा करने के बाद वापस मंदिर में प्रवेश करेंगे।