सात बजे खुले मंदिर के कपाट, देवता के जन्मोत्सव पर उमड़ा आस्था का सैलाब
दिनभर वाद्ययंत्रों की धुनों पर थिरके ग्रामीण, हर वर्ष 18 पोष को मनाया जाता है देवता का जन्मदिवस
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर उपमंडल की नरैण पंचायत के ब्रांदली में आराध्य देवता साहिब पंचवीर चतरखंड का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। श्रद्धालुओं के लिए सुबह सात बजे से ही मंदिर के कपाट खोल दिए गए थे। सुबह से ही श्रद्धालुओं ने मंदिर में पहुंचकर देवता साहिब का आशीर्वाद लिया। इस दौरान देवता पंचवीर चतरखंड के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। दिनभर वाद्ययंत्रों की धुनों पर लोग थिरकते रहे। मान्यता के अनुसार न्याय के देवता पंचवीर चतरखंड का जन्मदिवस हर वर्ष 18 पोष को मनाया जाता है। मंगलवार सुबह साढ़े नौ बजे परंपरा का निर्वहन करते हुए देवता साहिब को मंदिर से बाहर निकाला गया। इसके बाद कंपकंपाती ठंड में भी हजारों लोगों ने देवता साहिब का गर्मजोशी से स्वागत किया। मंदिर परिसर में देवता साहिब चतरखंड के खूब जयकारे लगे, जिससे समूचा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। ढोल नगाढ़ों की थाप पर देवलूओं ने देवता साहिब को उनके उद्गम स्थल तक पहुंचाया। यहां देवता के गूर ने बामण डालकर देव आस्था का प्रमाण दिया। माना जाता है कि देवता के जन्मदिवस पर मंदिर परिसर में हाजिरी भरने वालों के जीवन में सुख, शांति और खुशहाली बनी रहती है। श्रद्धालु वाद्ययंत्रों की धुनों पर देर शाम तक नाटी पर झूमते रहे। देवता साहिब मंदिर कमेटी के मोतमीन डॉ. केदार चौहान, सचिव राजीव देष्टा, गोपाल चंद पालसरा, विशेषर पौंड सहित अन्यों ने बताया कि देवता साहिब का जन्मोत्सव हर वर्ष धूमधाम से मनाया जाता है। हजारों की संख्या में लोग देवता के दर्शन के लिए पहुंचे। इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का भी आयोजन किया गया।