उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने किया सूर्य नारायण मंदिर का निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। हिमाचल प्रदेश को देवभूमि के नाम से जाना जाता है। प्रदेश में पारंपरिक देव संस्कृति, मेलों और मंदिरों का अपना महत्व है। प्रदेश के विख्यात विभिन्न मंदिरों में हजारों लोगों की आस्था जुड़ी है। ऐसे में सरकार का प्रयास है कि मंदिरों की वैभवता, इतिहास और उनका उचित रखरखाव सुनिश्चित किया जा सके। इसी कड़ी में उपमुख्यमंत्री ने प्रदेश के एकमात्र सूर्य मंदिर के जीर्णोद्धार करने की बात कही है। उन्होंने बुधवार को रामपुर उपमंडल के नीरथ स्थित सूर्य मंदिर का दौरा किया। लोगों के आह्वान पर उप मुख्यमंत्री मंदिर का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे। ग्रामीणों ने उनसे सूर्य नारायण मंदिर का जीर्णोद्धार करने की मांग उठाई। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल में धार्मिक स्थलों का अपना महत्व है। हिमाचल प्रदेश में धार्मिक पर्यटक की आपरा संभावना है। इसके चलते सरकार मंदिरों को व्यापक स्तर पर सुंदर बनाने और इनकी वैभवता को बरकरार रखने का प्रयास करेगी। हिमाचल के मंदिरों के पास बहुत आमदनी है। मंदिरों में बहुत चढ़ाव आता है। मंदिरों में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं उपलब्ध करवाना और उनकी पौराणिकता कायम रखने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हाल ही में उन्होंने लाहौल स्पीति के प्रसिद्ध आस्था के केंद्र मृकुला देवी माता मंदिर का भी दौरा किया। यह मंदिर भी दयनीय स्थिति में है। माता मृकुला देवी पर हजारों लोगों की आस्था है। इस मंदिर की वैभवता और पौराणिकता को बचाए रखने के लिए सरकार उचित कदम उठाएगी। केंद्र सरकार के डायरेक्टर जनरल से भी दोनों मंदिरों का मसला उठाया जाएगा, जिससे इन मंदिरों को आस्था के अनुरूप श्रद्धालुओं के लिए संजोया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने पुरातत्व विभाग और भाषा एवं संस्कृति विभाग के जरिये मंदिरों का जीर्णोद्धार करने की बात की। उप मुख्यमंत्री के आश्वासन से क्षेत्र के लोगों ने खुशी जताई है।