रामपुर बुशहर। नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप साबित होने पर अदालत ने दोषी को 20 साल के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर स्थित रामपुर की अदालत ने शनिवार को यह अहम फैसला सुनाया है। इसमें राजेश कुमार (26) निवासी गांव भट्टू, तहसील व थाना बैजनाथ, जिला कांगड़ा को सजा सुनाई गई है। फैसले की जानकारी देते हुए उपजिला न्यायवादी कमल चंदेल ने बताया कि पांच मार्च 2019 को पीड़िता, जिसकी आयु 15 वर्ष थी। वह आठवीं कक्षा में पढ़ रही थी।
आरोपी ने उसे फोन करके बुलाया और उससे शादी करने का आग्रह किया। आरोपी पीड़िता के पड़ोस और गांव में बतौर कामगार काम करता था। इसके बाद आरोपी पीड़िता को भगाकर सुंदरनगर ले गया। यहां उसे चार दिन रखा और इसके बाद पीड़िता को बैजनाथ ले गया। आरोपी ने पीड़िता को चार दिन तक अपने घर रखा और इसके बाद दोनों वापस रामपुर आ गए। परिवारवालों ने पुलिस की मदद से दोनों को तलाशा और तफ्तीश पूरी होने पर चालान अदालत में पेश किया गया।
अदालत ने नाबालिग को ले जाने और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने पर 20 वर्ष की सजा सुनाई। यहां यह बताना उचित है कि पोक्सो एक्ट के तहत 18 वर्ष से कम आयु की नाबालिग के साथ शारीरिक संबंध बनाना (चाहे उसकी सहमति से हो) जुर्म है। सरकार की तरफ से मुकदमे की पैरवी उपजिला न्यायवादी कमल चंदेल ने की।