रामपुर बुशहर। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय किन्नौर स्थित रामपुर की अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए चिट्टा तस्करी के दोषियों को सजा सुनाई है। वरुण गुप्ता पुत्र गुरचरण गुप्ता गांव जगातखाना डाकघर रामपुर तहसील निरमंड जिला कुल्लू और शामु पुत्र ओम प्रकाश गांव जगातखाना डाकघर रामपुर तहसील निरमंड जिला कुल्लू को चिट्टा रखने और बेचने के आरोप में दस-दस साल की सशक्त कारावास और एक-एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
फैसले की जानकारी देते उपजिला न्यायवादी कमल चंदेल ने बताया कि 11 फरवरी 2021 को पुलिस की टीम सुबह 10.00 बजे खाटलाघराट सर्विस स्टेशन ब्रो के पास मौजूद थी। इसी दौरान एक व्यक्ति बिना मास्क पहने आ रहा था, जैसे ही उसने पुलिस की गाड़ी देखी तो वह पीछे मुड़कर भागने लगा। इस दौरान उसने जेब से कोई वस्तु निकालकर नीचे फेंक दी। इसके बाद पुलिस ने उसे काबू किया और फेंके हुए पैकेट को गवाह के सामने खोला गया। इसमें 20 ग्राम चिट्टा पाया गया।
व्यक्ति ने अपना नाम वरुण गुप्ता बताया। जांच में एक अन्य व्यक्ति शामू की भी संलिप्त पाया गया है। उसने बताया कि वह चिट्टा दिल्ली से एक नाइजीरियन से खरीदकर लाता था, जिसे दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। उसका नाम डेनियल कोफी है। अदालत में केस की सुनवाई के दौरान रुहपोश हो गया क्योंकि वह माननीय उच्च न्यायालय शिमला से बेल पर रिहा चल रहा था और आज तक दोबारा पुलिस के हाथ न आ सका।
अदालत ने सभी गवाहों के साक्ष्य और अभियोजन विभाग के दलीलों को सही मानते हुए दोनों आरोपियों को दस-दस वर्ष कारावास सहित एक-एक लाख जुर्माने की सजा सुनाई। सरकार की तरफ से मुकदमे की पैरवी उपजिला न्यायवादी कमल चंदेल और केएस जरयाल ने की ।