दस हजार की आबादी के लिए लंबे समय से योजना के निर्माण की उठ रही मांग, कस्बे को गंदगी से मिलेगी निजात
योजना नहीं होने से सड़कों पर बह रही भवनों की गंदगी, नगर पंचायत समेत दो पंचायतों को मिलेगा फायदा
संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल (रोहड़ू)। नगर पंचायत चौपाल में दो दशकों से प्रस्तावित मल निकासी योजना को लेकर लोगों को सकार के पिछले तीन कार्यकाल से मिल रहे आश्वासन अब पूरा होने की उम्मीद बंधी है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने बजट में इसका प्रावधान करने के बाद लोगों को इसके पूरा होने की संभावना नजर आ रही है। चौपाल नगर पंचायत में सीवरेज योजना नहीं होने से गंदगी को ठिकाने लगाने की समस्या मुसीबत बन गई है। चौपाल नगर पंचायत में उपमंडल स्तर के सभी कार्यालय, कॉलेज, सरकारी और निजी स्कूल तथा करीब दस हजार की आबादी सीवरेज की सुविधा से वंचित है। इस वजह से शहर में बढ़ती गंदगी लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। हालत यह है कि निजी भवनों का मलमूत्र खुले में सड़कों पर बह रहा है। सरकारी शौचालय बंद पड़े हैं। नगर पंचायत में निजी कॉलोनी के पचास फीसदी सीवरेज टैंक भरने से गंदगी बाहर नालियों में बह रही है। बस स्टैंड चौपाल से पेट्रोल पंप तक बने मकानों के बाथरूम का पानी सड़कों की निकासी नालियों में खुले में बहता रहता है। इससे जलजनित रोगों के बढ़ने की आशंका बढ़ती जा रही है। अगर सरकार इस योजना पर गंभीरता से कार्य करती है तो इसका लाभ चौपाल नगर पंचायत और साथ लगती दो पंचायतों के हजारों लोगो को मिलेगा। क्षेत्र के लोग ड़ेढ दशक से सीवरेज योजना के निर्माण की मांग उठा रहे हैं लेकिन सरकारों से हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिलते हैं। ऐसे में कस्बे की आबादी तो लगातार बढ़ती जा रही है लेकिन सरकार और प्रशासन इस आबादी की जरूरतों के हिसाब से सीवरेज योजना का निर्माण अभी तक नहीं कर पाया है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजेश चंदेल, उपाध्यक्ष राजेंद्र शर्मा, वरिष्ठ नागरिक हरिनंद मेहता सहित अन्य लोगों ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि नगर पंचायत चौपाल में सीवरेज योजना का कार्य जल्द शुरू करवाया जाए। बजट में योजना पूर्ण करने के प्रावधान से चौपाल और नेरवावासियों की इसके जल्द निर्माण की उम्मीद जगी है।