करोड़ों की राशि से दस किलोमीटर सड़क में से महज तीन किमी सड़क की हो सकी पक्की
क्षेत्र के लोगों ने चेताया, जल्द हालत नहीं सुधरी तो सड़कों पर उतरेंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। रामपुर उपमंडल की दुर्गम पंचायत जघोरी को सड़क सुविधा मुहैया करवाने वाली चंडीब्रांडा सड़क की हालत साढ़े पांच करोड़ रुपये की राशि खर्च करने के बावजूद खस्ता बनी हुई है। इसको लेकर क्षेत्र के लोगों में लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर खासा रोष है। लोगों ने चेताया है कि जल्द मार्ग की हालत नहीं सुधरी तो वे आमरण अनशन पर बैठने को मजबूर होंगे। गौर हो कि लोक निर्माण विभाग ने वर्ष 2017 में 10 किलोमीटर लंबी चंडीब्रांडा सड़क के कायाकल्प के लिए टेंडर किया था। इसके तहत सड़क की टारिंग, नालियां बनाने और कलवर्ट बनाने का कार्य किया गया। हैरानी इस बात की है कि 5.51 करोड़ रुपये की राशि खर्च होने के बाद भी 10 किलोमीटर सड़क में मात्र तीन किलोमीटर सड़क ही पक्की हो पाई है जबकि सात किलोमीटर सड़क अभी भी खस्ताहाल है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करोड़ों की राशि खर्च करने के बावजूद सड़क की हालत नहीं सुधरने पर लोगों में भारी रोष है। सड़क की दयनीय हालत के चलते मरीजों और ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानियों का सामना करना पड़़ रहा है और मार्ग पर हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। जघोरी पंचायत के प्रधान किशोरी लाल ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत साढ़े पांच करोड़ की राशि खर्च करने के बाद भी कार्य पूरा नहीं हो पाया है। सड़क की दयनीय स्थिति से ग्रामीण खासे परेशान हैं। इसको लेकर लोगों में लोक निर्माण विभाग के प्रति भारी रोष है। उन्होंने बताया कि बार-बार आग्रह के बाद भी लोक निर्माण विभाग सड़क की हालत नहीं सुधार रहा है। अगर जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो लोगों को प्रदर्शन करने पर मजबूर होना पड़ेगा। ग्रामीणों के साथ जनप्रतिनिधि आमरण अनशन पर बैठेंगे, जिसकी जिम्मेवारी सरकार की होगी।