संवाद न्यूज एजेंसी
राेहड़ू। स्पैल वैली के दलगांव में देवता महाराज बकरालू के भुंडा महायज्ञ की तैयारियां का पहला चरण आरंभ हो गया। इसके तहत रविवार को मूंजी (विशेष घास) काटने का कार्य किया गया। मूंजी को ग्रामीणों ने मंदिर में पहुंचाया। इस मौके पर हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे। प्रसिद्ध भुंडा महायज्ञ का आयोजन दिसंबर के अंत में होगा। इसका आगाज रविवार को मूंजी काटने की रस्म से हो गया है। रविवार सुबह हजारों की संख्या में क्षेत्रवासी देवता के मंदिर प्रांगण में एकत्रित हुए। देवता महाराज से आज्ञा लेने के बाद ग्रामीण दलगांव से जुणीधार तक 12 किलोमीटर पैदल मूंजी काटने गए। इस दौरान देवता महाराज बकरालू की छड़ियां भी साथ रहीं। ब्राह्मणों ने पारंपरिक ढंग से पूजा-अर्चना करके मूंजी काटने की रस्म को आरंभ किया। मूंजी को काटने के बाद ग्रामीणों ने उसे मंदिर में पहुंचाया। महायज्ञ का दूसरा चरण सितंबर में शुरू होगा। इसमें मूंजी को बुनकर रस्सा तैयार किया जाएगा। इसके बनने में करीब तीन माह का समय लगेगा। इसी रस्से पर भुंडा महायज्ञ में बेड़ा ( भुंडे की मुख्य रस्म) डाला जाएगा। देवता बकरालू महाराज के मोतमीन रघुनाथ जामटा, दलगांव पंचायत प्रधान विशेषर बांश्टू ने बताया कि दशकों बाद देवता बकरालू का भुंडा महायज्ञ आयोजित हो रहा है। इसका आगाज रविवार को हो गया है।