तीन जिलों से पढ़ाई करने आने वाले विद्यार्थी खेल गतिविधियों से वंचित, मरम्मत की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। एक समय था जब पद्म छात्र स्कूल रामपुर के खिलाड़ी बास्केटबाल में जिला और राज्यस्तर पर नाम रोशन कर रहे थे, लेकिन आज आलम यह है कि स्कूल का बास्केटबाल कोर्ट बदहाली के आंसू बहा रहा है। जगह-जगह से उखड़े मैदान पर खेलना जोखिमों भरा बना हुआ है। बावजूद इसके सरकार और शिक्षा विभाग बीते पांच वर्षों से इसकी सुध तक नहीं ले रहे। इससे बास्केटबॉल में रूचि रखने वाले खिलाड़ियों में निराशा का माहौल है। हालांकि प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षा के साथ-साथ खेलों को बढ़ावा देने के दावे तो जरूर करती है, लेकिन धरातल पर ये दावे हवा होते हुए नजर आ रहे हैं। चार जिलों के प्रमुख व्यापारिक केंद्र रामपुर स्थित पद्म छात्र स्कूल में हर वर्ष सैकड़ों विद्यार्थी पढ़ाई करने पहुंचते हैं। स्कूल में शिक्षा का बेहतर स्तर है, जिसे देखते हुए अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों का इस स्कूल में रुझान रहता है। स्कूल वर्षों पूर्व अपनी खेल गतिविधियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए प्रदेश भर में जाना जाता था, लेकिन वर्तमान की बात करें तो स्कूल में बना बास्केटबाल कोर्ट खस्ताहालत में है। बीते पांच वर्षों से इस कोर्ट की हालत सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। ऐसे में स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों को बास्केटबाल खेलने से वंचित रहना पड़ रहा है। हालांकि कई छात्र खस्ताहाल कोर्ट में ही खेलने को मजबूर हैं। सरकार और शिक्षा विभाग पांच वर्ष से कोर्ट की हालत सुधारने के लिए बजट का प्रावधान नहीं कर पाए हैं। इस कारण क्षेत्र के बास्केटबॉल खिलाड़ियों में खासा रोष है। खेल के लिए उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण शहर में नशे का प्रचलन युवाओं में बढ़ता जा रहा है, जिसके लिए सीधे तौर पर खेल गतिविधियाें का कम होना और एक खेल मैदानों की कमी होना भी मुख्य कारण है। क्षेत्र के बास्केटबाल खिलाड़ी रचित, योगेश्वर दत्त, आयुष, प्रियराज और रोहन सहित अन्यों ने शिक्षा विभाग और स्कूल प्रबंधन से मांग की कि जल्द बॉस्केटबाल कोर्ट की हालत सुधारी जाए। स्कूल के कार्यवाहक प्रधानाचार्य रविंद्र ठाकुर ने कहा कि पांच वर्षों से मैदान की हालत खस्ता बनी हुई है। जैसे ही प्रदेश सरकार से बजट मिलेगा, बास्केटबाल कोर्ट को दुरुस्त करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।