मरीजों को कई किलोमीटर दूर लगानी पड़ रही दौड़, सरकार और विभाग से स्टाफ की स्टाफ की तैनाती की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर उपमंडल के आयुर्वेदिक स्वास्थ्य उपकेंद्र कूट में भी तीन साल से ताला लटका है। वर्षों से चिकित्सक और फार्मासिस्ट सहित अन्य पद रिक्त होने के कारण क्षेत्र के लोग स्वास्थ्य सुविधाओं से महरूम है। कठिन भोगौलिक परिस्थितियों में भी ग्रामीण मजबूरी में कई किलोमीटर दूर जाकर प्राथमिक उपचार करवा रहे हैं। स्वास्थ्य उपकेंद्र में स्टाफ की तैनाती नहीं होने से हजारों लोगों का स्वास्थ्य राम भरोसे है। हालत यह है कि खांसी और जुकाम होने पर भी ग्रामीणों को 18 किलोमीटर दूर गानवी या फिर ज्यूरी और रामपुर पहुंचना पड़ रहा है। उपकेंद्र में स्टाफ नहीं होने से हजारों ग्रामीणों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव नीतिश भंडारी, दिनेश, सुरेश, राकेश, सुरेंद्र नेगी, लोकेंद्र, अजय और संतोष सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र के स्वास्थ्य उपकेंद्र में लंबे समय से स्टाफ की कमी चल रही है। उन्होंने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से जल्द स्टाफ की तैनाती करने की मांग उठाई है, जिससे क्षेत्र के लोगों को घरद्वार पर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। गौर हो कि रामपुर के दुर्गम क्षेत्रों में सरकार ने स्वास्थ्य संस्थान तो खोल दिए हैं लेकिन यहां पर पर्याप्त संख्या में स्टाफ की तैनाती नहीं की जा रही है। इससे लोगों को इन संस्थानों का लाभ नहीं मिल पा रहा है और खनेरी अस्पताल सहित शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में उपचार के लिए भटकने को मजबूर हैं। लोगों ने सरकार से उन्हें घरद्वार पर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने की मांग की है।
कोट्स
समय-समय पर खाली पदों को भरने के लिए सरकार से पत्राचार किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द सरकार रिक्त पदों को भरेगी।
डॉ. प्रदीप शर्मा, बीएमओ, रामपुर आयुर्वेदिक अस्पताल