विशेषज्ञ बोले, बगीचे को संकट में न डाल दे अप्रमाणित नर्सरियों के पौधे
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। सर्दियों में बागवान नए बगीचे तैयार करने के लिए पौधे रोपने का कार्य करते हैं लेकिन अप्रमाणित नर्सरियों से पौधे खरीदकर रोपना से उन्हें आने वाले समय में आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक अप्रमाणित नर्सरियों से लाए गए अधिकांश पौधे रोग ग्रस्त होत हैं। इन्हें रोपने के बाद उनका विकास भी स्वस्थ पौधे की अपेक्षा काफी कम होता है। बागवानी विशेषज्ञों के पास पिछले कई सालों में इस तरह के कई मामले सामने आए हैं। उन्होंने बागवानों को प्रमाणित नर्सरियों से ही पौधे लाकर रोपने की सलाह दी है। वहीं राज्य के बाहर से आने वाली अप्रमाणित नर्सरियों के पौधों को रोकने के लिए उद्यान विभाग पुलिस के सहयोग से नाके भी लगा रहा है। बागवान सेब की सिडलिंग प्लांट (पावली) और सेब के विभिन्न किस्मों के पौधों को रोपते हैं। पावलियां और पौधे बाजार में भी आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं लेकिन बागवान बिना किसी पुख्ता जानकारी के अप्रमाणित पौधे खरीद कर उनका रोपण कर रहे हैं। क्षेत्र में कई लोग अप्रमाणित नर्सरियों का कारोबार कर रहे हैं। हर वर्ष सेब के पौधों का करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। अप्रमाणित पौधों का रोपण बगीचे के लिए नुकसानदायक हो सकता है। जानकारी के अभाव में बागवान भी महंगे दामों पर अप्रमाणित पौधे खरीदकर अपने बगीचों को संकट में डाल रहे हैं। उद्यान विभाग के विषय विशेषज्ञ डाॅ. संजय चौहान ने बताया कि अप्रमाणित नर्सरियों के पौधे बगीचों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इस तरह के कई मामले क्षेत्र के बगीचों में भी सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि इस बार उद्यान विभाग पुलिस के साथ मिलकर राज्य के बाहर से आने वाली नर्सरियों को रोकने के लिए नाके लगा रहा है। अगर बिना लाइसेंस के पौधे पकड़े जाते हैं, तो विभाग उन्हें मौके पर ही नष्ट करेगा। उन्होंने बागवानों को सलाह दी कि जांच के बाद ही प्रमाणित नर्सरियों से ही पौधों को खरीदें।