ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। प्रदेश सरकार बेशक दावा कर रही है कि सौ फीसदी सेब मंडियों में पहुंच रहा है लेकिन जमीनी हकीकत इससे कोसों दूर हैं। रामपुर उपमंडल के दुर्गम क्षेत्र पंद्रहबीस की करीब आधा दर्जन पंचायतों की सड़कें पिछले कई दिनों से अवरुद्ध हैं। इस वजह से बागवानों की सेब से भरी पेटियां सड़क के किनारे सड़ने की कगार में हैं। वहीं सड़कों के बंद होने से बागवान सेब का तुड़ान नहीं कर रहे हैं।
इससे सैकड़ों बागवानों का स्पर किस्म के सेब पकने के कारण गिरना शुरु हो गया है। इससे बागवानों को सालभर की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। लोगों ने प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग से सड़क को जल्द खोलने की मांग की है।
दुर्गम क्षेत्र लबाना सदाना पंचायत के सदाना गांव निवासी अशोक कायथ, मोहन लाल, कृष्ण मोहन और मनोज कायथ का कहना है कि उन्होंने एक सप्ताह से सेब की पेटियां मंडियों में भेजने के लिए भरवा रखी हैं लेकिन सड़क न खुलने से उन्हें सेब के सड़ने की चिंता सता रही है। सेब की फसल खराब होने से उनके परिवार को नुकसान झेलना पड़ेगा। पंद्रह बीस क्षेत्र की क्याव पंचायत के जगदीश वर्मा, प्रकाश नेगी, प्रेम सिंह, नैन सिंह, मोहन मेहता और बलदेव ठाकुर ने बताया उनके सेब की फसल का तुड़ान 15 जुलाई के आसपास होना था लेकिन सड़क बंद होने के कारण उन्होंने सेब का तुड़ान शुरु नहीं कर पा रहे हैं। इस वजह से फसल पेड़ पर ही पक कर गिरना शुरू हो गई है।
लबाना-सदाना सड़क को खोलने के लिए मशीनें देर रात तक काम कर रही हैं। क्याव सड़क का करीब सौ मीटर का भाग पूरी तरह ढह गया है। दूसरी तरफ चट्टान होने के कारण पहाड़ी को काटने में समय लगेगा।
गोर्वधन शर्मा, एसडीओ, लोकनिर्माण विभाग
लोकनिर्माण विभाग को सड़क खोलने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। ज्यादा मशीनें लगाकर सड़क को जल्द खोलें, जिससे बागवानों को सेब मंडियों तक पहुंचाने में दिक्कत न आए।
निशांत तोमर, एसडीएम रामपुर