विशेषज्ञों की सलाह, सावधानी बरतें बागवान नहीं तो फसलों को पहुंच सकता है नुकसान
विभाग की जारी छिड़काव सारणी का करें अनुसरण
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)। वर्तमान में तापमान में उतार-चढ़ाव और मौसम की बेरुखी के कारण सेब के बगीचे स्कैब, माइट और पाउडरी मिलिड्यू जैसी बीमारियों की चपेट में आ गए हैं। इसको देखते हुए बागवानी विभाग के विशेषज्ञों ने बागवानों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। विषयवाद विशेषज्ञ बागवानी आनी उत्तम पराशर का कहना है कि स्कैब सहित पाउडरी मिलिड्यू जैसे रोगों से बागवानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके साथ ही माइट का खतरा भी बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि समस्या से निपटने के लिए बागवान बागवानी विभाग की ओर से जारी छिड़काव सारणी (स्प्रे शेड्यूल) के हिसाब से छिड़काव करें। एसएमएस ने कहा कि यह समय बागवानों के लिए सेब की फसल के हिसाब से अति महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में उक्त बीमारियों से फसल को बचाने के लिए वैज्ञानिक तरीके से छिड़काव की आवश्यक है। अन्यथा सेब की फसल बर्बाद होने का खतरा बना रहता है। इसलिए जिन बागवानों के बगीचों में ये बीमारियां दिख रही हैं, वे तुरंत विभाग की छिड़काव सारणी का अनुसरण कर फसल को बचाएं। उनका कहना है कि इन दिनों उक्त बीमारियां बागीचों में देखने को मिल रही हैं या आने वाले दिनों में फसल में लग सकती हैं। इस तरह की समस्याओं से निपटने के लिए संबंधित फील्ड अधिकारियों को भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अगर किसी बागवान को इस प्रकार की समस्या पेश आ रही है, तो वह उद्यान विकास अधिकारी आनी और निरमंड सहित अन्य विभागीय विस्तार केंद्रों पर तकनीकी अधिकारियों से संपर्क करें।