फ्लावरिंग के समय परागण में मुख्य भूमिका निभाती हैं मधुमक्खियां, अच्छी धूप में स्थापित करें बक्से
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। बगीचों में परागण के लिए मधुमक्खियों का होना आवश्यक है। फ्लावरिंग के समय मधुमक्खियां परागण क्रिया में मुख्य भूमिका निभाती हैं। विशेषज्ञों ने सेब की अच्छी पैदावार के लिए बागवानों को बगीचों में मधुमक्खियों के बक्से लगाने की सलाह दी है। सेब के बगीचों में फ्लावरिंग की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नर फूलों से मादा फूल में पराग कोष स्थानांतरित करने के लिए मधुमक्खियां सबसे आवश्यक है। ठंड के मौसम में अन्य मित्र कीट परागण में सहायता नहीं कर पाते हैं। इस दौरान बागवान बगीचों में मधुमक्खियां के मौन गृह स्थापित कर फसल में बढ़ोतरी कर सकते हैं। मधुमक्खियों को बगीचों में लगाने से सेब की फसल में 15 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की जा सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार बगीचों में मधुमक्खियों के बक्से किराए पर लेते समय कुछ बातों को ध्यान में रखना आवश्यक है। बागवानी विशेषज्ञ एवं पूर्व उद्यान विकास अधिकारी डाॅ. आगर दास ने बताया कि फ्रूट सेटिंग में मधुमक्खियां की अहम भूमिका निभाती हैं। अच्छी व गुणवत्ता वाली फसल लेने के लिए बागवान बगीचों में मधुमक्खियाें के बक्से लगाएं। बक्से लगाते समय ध्यान में रखें कि प्रति बाॅक्स सात से आठ फ्रेम हो। पांच बीघा वाले बगीचे में दो से तीन मौन वंश गृह स्थापित करें। बाॅक्स को ऐसी जगह स्थापित करें जहां अच्छी धूप लगती हो और तेज हवाएं न चलती हो। बगीचों में तभी मधुमक्खियां लगाएं, जब 10 प्रतिशत फूल खिल चुके हो। अन्यथा भोजन की तलाश में मधुमक्खियां दूसरे स्थान पर चली जाएंगी।