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अतिथि शिक्षक के नाम पर युवाओं के भविष्य के साथ किया जा रहा धोखा : एबीवीपी

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एबीवीपी ने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, सरकार नीति को जल्द लें वापस
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संवाद न्यूज एजेंसी

रामपुर बुशहर। कांग्रेस सरकार स्कूल और कॉलेजों में पीरियड आधार पर 2,600 अतिथि शिक्षकों की भर्ती करने जा रही है, जो कि युवाओं के भविष्य के साथ धोखा है। कांग्रेस सरकार अतिथि शिक्षक के नाम पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर ही है। इस मुद्दे को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इकाई रामपुर ने एसडीएम रामपुर निशांत को ज्ञापन साैंपा। एबीवीपी ने प्रदेश सरकार की गेस्ट लेक्चरर नीति का विरोध किया है। इसके बाद एसडीएम निशांत तोमर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। अखिल भारतीय परिषद हिमाचल प्रदेश के कार्यसमिति सदस्य प्रदीप ठाकुर ने कहा कि हाल ही में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में दुर्गम जनजातीय सहित तमाम क्षेत्रों के स्कूल और कॉलेजों में अतिथि शिक्षक की नियुक्ति करने का फैसला लिया गया है। छठी कक्षा से कॉलेज तक के विद्यार्थियों को पढ़ाने का जिम्मा इन्हें दिया जाएगा। विद्यार्थी परिषद का कहना है की गैप अरेंजमेंट के नाम पर स्कूली स्तर से कॉलेज स्तर तक अब अतिथि शिक्षकों के भरोसे छात्रों को पढ़ाया जाएगा। शिक्षण संस्थानों में शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों और सालों की मेहनत के बाद नेट, सेट की परीक्षा को उत्तीर्ण करने वाले छात्रों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने के सपने के साथ सरकार धोखा कर रही है। अतिथि शिक्षक के नाम पर प्रदेश के हजारों युवाओं को उनकी शिक्षा पूर्ण करने के बाद स्थायी तौर पर रोजगार न दे पाना और चुनाव से पहले प्रदेश के लाखों युवाओं को रोजगार के सपने दिखाना कहीं न कहीं आज हिमाचल सरकार का असली चेहरा सामने आ चुका है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने सरकार से आग्रह किया कि युवाओं के लिए इस प्रकार के फैसले से पहले प्रदेश के भविष्य के बारे में सोचा जाए।
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