प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद शहरी विकास विभाग ने की संपत्ति पंचायतों के नाम की
नगर पंचायत निरस्त होने से अब फिर बढ़ेगी आनी नगरवासियों की परेशानियां
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू) । प्रदेश उच्च न्यायालय के निर्णय के बाद आनी नगर पंचायत को निरस्त कर दिया गया है। वहीं अब शहरी विकास विभाग ने नगर पंचायत की पूरी संपत्ति पांच पंचायतों को हस्तांतरित करने की अधिसूचना भी जारी कर दी है। इसके बाद अब कस्बेवासियों की मायूसी और बढ़ गई है। गौर हो कि पूर्व में पांच पंचायतों से काटकर बनाई गई नगर पंचायत आनी को निरस्त करने के बाद प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेशानुसार निदेशक शहरी विकास विभाग ने आनी नगर पंचायत की स्थायी संपत्ति, कार्यालय रिकॉर्ड और शेष बची धनराशि बुधवार को संबंधित ग्राम पंचायत आनी, बखनाओं, कराणा, नम्होंग और कुंगश पंचायत को स्थानांतरित कर दी गई है। कोर्ट के इस फैसले से आनी नगरवासियों के अरमानों पर पानी फिर गया है। कस्बेवासियों को अब अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी पंचायत मुख्यालय का रुख करना होगा। जानकारी के मुताबिक नगर पंचायत द्वारा आनी में जो स्ट्रीट लाइटें लगाई गई थी, उनमें से कुछ लाइटें चोरी हो गई हैं। कस्बे में फिर से गंदगी के ढेर लगने शुरू हो गए हैं और अव्यवस्था का आलम दिनप्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। नगर पंचायत सचिव हरि शर्मा ने बताया कि प्रदेश उच्च न्यायालय ने नगर पंचायत की समस्त संपत्ति संबंधित पंचायतों को देने के फरमान जारी किए हैं। शहरी विकास विभाग की अधिसूचना के मुताबिक संपत्ति नगर पंचायत के अधिकार क्षेत्रों वाली पंचायतों को हस्तांतरित कर दी गई है।