एनएच बहाल होने से हजारों लोगों ने ली राहत की सांस, 225 ट्रांसफार्मर अभी भी ठप, चिद्यार्थी झेल रहे परेशानी
भारी बर्फबारी के कारण संपर्क मार्गों को खोलना लोक निर्माण विभाग के लिए बना चुनौती
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर छह दिन के लंबे इंतजार के बाद देश और दुनिया से जुड़ पाया है। निगुलसरी में भारी भूस्खलन के कारण बाधित नेशनल हाईवे पांच बुधवार दोपहर बाद यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है। एनएच बहाल होने से जिले के हजारों लोगों ने राहत की सांस ली है। अब रिकांगपिओ से शिमला की ओर एचआरटीसी सहित अन्य वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। हालांकि जिले में भारी बर्फबारी के कारण सभी ग्रामीण रूट अभी भी वाहनों की आवाजाही के लिए ठप हैं। जिले में विद्युत लाइनों को पहुंची क्षति के कारण 225 डीपीआर बंद पड़े हैं। भारी बर्फबारी के कारण स्कूली बच्चों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है। जिले में यातायात, संचार और विद्युत आपूर्ति की समस्या अब भी बरकरार है। बुधवार दोपहर बाद साढ़े तीन बजे निगुलसरी में बाधित एनएच बहाल होते ही शिमला की ओर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई। छह दिन बाद जिले का संपर्क जुड़ने से लोगों ने शिमला की ओर रुख किया। हालांकि नाथपा और पूह की ओर नेशनल हाईवे अभी भी बाधित है। लोक निर्माण विभाग ने अभी तक करीब 34 सड़कों को बहाल कर दिया है, लेकिन सड़क पर कोहरा जमने के कारण परिवहन निगम सहित अन्य वाहनों की आवाजाही नहीं हो पा रही। जिले में अब भी करीब 44 ग्रामीण सड़कें बर्फबारी से ठप हैं। ऐसे में हजारों ग्रामीण आवाजाही के लिए दिक्कतें झेलने को मजबूर हैं। सबसे अधिक परेशानियां स्कूली बच्चों को पेश आ रही हैं। इन दिनों वार्षिक परीक्षाओं का दौर चल रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचने में खासी मशक्कत करनी पड़ रही हैं। यही हाल जिले में विद्युत आपूर्ति का भी है। जगह-जगह विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त होने से कर्मियों को विद्युत आपूर्ति बहाल करना चुनौतियों भरा बना हुआ है। जिले के पूह ब्लॉक में पिछले छह दिन से बिजली आपूर्ति ठप पड़ी है, जबकि कल्पा और निचार के ग्रामीण इलाकों में बिना बिजली हजारों ग्रामीण परेशानियां झेल रहे हैं। विद्युत बोर्ड के 225 ट्रांसफार्मर अभी भी बंद हैं। काशंग से पूर्वणी झूले तक बिछी 66 केवी ट्रांसमिशन लाइन अभी तक दुरुस्त नहीं हो पाई है। एक्सईएन भावानगर प्रमोद उप्रेति और एसडीओ कल्पा राकेश श्याम ने बताया कि जिले में बर्फबारी से बाधित सड़कों को बहाल करने के लिए 24 मशीनें और 00 मजदूर तैनात किए गए हैं, जो युद्धस्तर पर मार्ग बहाली में जुटे हैं। आरएम रिकांगपिओ पियुष शर्मा ने बताया कि बुधवार को 3:30 बजे निगुलसरी में एनएच बहाल होते ही शिमला की ओर एचआरटीसी बसों की आवाजाही शुरू हो गई है।
कोट्स
विभागों को सड़कें और विद्युत आपूर्ति बहाल करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं। भारी बर्फबारी के कारण बहाली कार्य में विलंब हो रहा है।
डॉ. अमित कुमार शर्मा, उपायुक्त किन्नौर