. उपायुक्त ने नुकसान की स्थिति और प्रशासनिक तैयारियों का आकलन किया
. कुछ स्थानों पर आंशिक और मामूली नुकसान दर्ज किया गया
. जलस्तर बढ़ने पर तट पर रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। किन्नौर जिले में बरसात की दस्तक के बाद प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद है। जिला उपायुक्त अमित कुमार शर्मा ने नुकसान की स्थिति और प्रशासनिक तैयारियों का आकलन किया। उन्होंने बताया कि कुछ स्थानों पर आंशिक और मामूली नुकसान दर्ज किया गया है। बुधवार को सुरचो गांव के पास सुरचो खड्ड में पानी का बहाव तेज हो गया। इस कारण स्थानीय लोगों की आवाजाही के लिए बना एक अस्थायी लकड़ी का पुल बह गया। इससे क्षेत्र का संपर्क आंशिक रूप से प्रभावित हुआ है। रिस्पा गांव के साथ लगते होल्डो नाला में भी पानी का स्तर बढ़ने से एक अस्थायी रास्ता बह गया। यह रास्ता पिछले साल भी बाढ़ की भेंट चढ़ गया था। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रशासन ने नए बेली ब्रिज के निर्माण की औपचारिकताएं पूरी कर दीं हैं। इसकी विस्तृत मांग रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी गई है। जिला उपायुक्त ने उम्मीद जताई कि बजट मंजूरी के बाद यह बेली ब्रिज अगले 10 से 20 दिनों के भीतर स्थापित हो जाएगा। लिप्पा गांव का एक हिस्सा नदी तट के समीप है। यहां करीब 10 से 11 घर स्थित हैं। पिछले वर्ष भी यहां जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसी स्थिति बनी थी। इस बार प्रशासन ने सर्दियों और गर्मियों में नदी से भारी मलबा और गाद साफ करवाई थी। लोक निर्माण विभाग ने लिप्पा गांव को जोड़ने वाले मुख्य बेली ब्रिज को खतरे की आशंका जताई थी। प्रशासन ने पुल के संरक्षण कार्य और एकत्रित गाद हटाने के लिए विशेष कोष जारी किया है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जलस्तर बढ़ने पर तट पर रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन की योजना तैयार है। प्रशासन हर स्थिति पर नजर रखे हुए है। बरसात के दौरान किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन की टीमें पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से खराब मौसम में नदी-नालों और संवेदनशील क्षेत्रों के पास जाने से बचने की अपील की है।