यदि ग्रामीणों को स्वयं करनी पड़े सड़क की मरम्मत तो किस बात की सरकार : सूरत नेगी
सरकार और विभाग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)।
किन्नौर जिले की बरी पंचायत के बरी गांव को जोड़ने वाली सड़क बेहद खराब हालत में है। कई बार ग्रामीणों की फरियाद के बावजूद जब सरकार और संबंधित विभाग ने अनदेखी की तो बरी पंचायत की जीवनरेखा मानी जाने वाली सड़क की मरम्मत का जिम्मा गांव के युवाओं ने संभाल लिया। युवा श्रमदान कर सड़क की मरम्मत कर रहे हैं, जो सरकारी व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस सड़क की मरम्मत और रखरखाव की जिम्मेदारी सरकार और संबंधित विभाग की है, उसे ठीक करने के लिए युवाओं को स्वयं आगे आना पड़ रहा है। इससे स्थानीय मंत्री और सरकारी व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। भाजपा नेता सूरत नेगी ने कहा कि यदि जनता को अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए स्वयं श्रमदान करना पड़े तो सरकारी विभागों और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने स्थानीय मंत्री जगत सिंह नेगी से सवाल किया कि जब ग्रामीणों को सड़कें भी श्रमदान से ठीक करनी पड़ रही हैं तो सरकार और संबंधित विभाग की जिम्मेदारी आखिर क्या है। सूरत नेगी ने बरी गांव के युवाओं के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए स्वयं आगे बढ़कर जनसेवा की मिसाल पेश की है। उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग से बरी पंचायत सहित क्षेत्र की बदहाल सड़कों की तत्काल उचित मरम्मत करवाने की मांग की।