जारी रहा आचार संहिता का उल्लंघन तो चुनाव आयोग के समक्ष मुद्दा उठाएगी भाजपा : सूरत नेगी
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज चुनाव के बीच किन्नौर जिले में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। भाजपा नेता और पूर्व वन निगम उपाध्यक्ष सूरत नेगी ने प्रदेश सरकार और प्रशासन पर आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया है। सूरत नेगी ने आदर्श चुनाव आचार संहिता के बीच भूमि पैमाइश पर सवाल उठाए हैं। सूरत नेगी ने बताया कि जिले में पंचायतीराज चुनावों के कारण आचार संहिता लागू है। इसके बावजूद सांगला तहसील के कुछ क्षेत्रों में वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) के तहत नए सिरे से जमीनों को नापने का काम किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब एक कैबिनेट मंत्री के दिशा-निर्देशों पर हो रहा है, जो लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। भाजपा नेता ने उपायुक्त से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कुछ मित्र दावा कर रहे हैं कि यह सब प्रशासन की जानकारी में है। यदि ऐसा है, तो यह बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने उपायुक्त किन्नौर से अनुरोध किया है कि जो अधिकारी राजनीतिक दबाव में गलत तरीके से जमीनों की पैमाइश कर रहे हैं, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए और इस प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाई जाए। सूरत नेगी ने किन्नौर में निर्विरोध चुनी गई पंचायतों को बधाई देते हुए क्षेत्र की जनता से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने विश्वास जताया कि किन्नौर में चुनाव निष्पक्ष होंगे। उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि आचार संहिता का उल्लंघन जारी रहा, तो भाजपा इस मुद्दे को चुनाव आयोग के समक्ष मजबूती से उठाएगी।