रिकांगपिओ (किन्नौर)। पीटीएफ किन्नौर ने यूडाइज मर्जन और कांप्लेक्स नीति का विरोध जताया है। इसके विरोध में किन्नौर जिले के शिक्षक 2 अक्तूबर को शिमला में होने वाले कैंडल मार्च में भाग लेंगे। 3 अक्तूबर को शिक्षक काली पट्टी बांधकर रोष जताएंगे। पीटीएफ किन्नौर के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र नेगी की अध्यक्षता में वीरवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हुई। इसमें कांप्लेक्स सिस्टम, ऑनलाइन कार्य, प्राथमिक विद्यालयों के यूडाइज मर्जर, शिक्षक हितों और संगठन की आगामी रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक में जिला अध्यक्ष ने महासचिव नेगी संजय कुमार रापा, जेबीटी शिक्षक मनोज और इंदर को राज्य शिक्षक पुरस्कार मिलने पर बधाई दी। उन्होंने इसे किन्नौर के शिक्षक समुदाय के लिए गौरव का विषय बताया। पीटीएफ किन्नौर ने कांप्लेक्स सिस्टम के विरोध में चल रहे 60 दिवसीय क्रमिक अनशन को जारी रखने की बात कही। संगठन ने कहा कि दुर्गम एवं जनजातीय क्षेत्रों में प्राथमिक विद्यालयों की स्थानीय आवश्यकता और बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ही व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। बैठक में निर्णय लिया गया कि 2 अक्तूबर को शिमला के रिज से महात्मा गांधी की प्रतिमा तक कैंडल मार्च में किन्नौर के प्रत्येक ब्लॉक से पांच शिक्षक भाग लेंगे। वहीं, 3 अक्तूबर से प्राथमिक शिक्षक काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज करेंगे। बैठक में किन्नौर के 44 प्राथमिक विद्यालयों के जीएमएस, जीएचएस और जीएसएसएस के साथ यूडाइज मर्जर का मुद्दा भी उठाया गया। पीटीएफ ने कहा कि इससे प्राथमिक विद्यालयों की स्वतंत्र यूडाइज पहचान प्रभावित हुई है। संगठन ने प्राथमिक विद्यालयों की स्वतंत्र पहचान और स्थानीय शैक्षणिक भूमिका बनाए रखने की मांग की। इसके अलावा शिक्षकों से संबंधित ऑनलाइन कार्यों के लिए आवेदन संबंधित सीएचटी के माध्यम से बीईईओ कार्यालय में जमा करवाने की अपील की गई। ब्लॉक इकाइयों ने संगठन के आगामी कार्यक्रमों में सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक में एचपीपीटीएफ की भविष्य की लोकतांत्रिक एवं वैधानिक रणनीति का पूर्ण समर्थन करने का भी निर्णय लिया गया। इस बैठक में महासचिव नेगी संजय कुमार रापा सहित पूह, कल्पा और निचार ब्लॉक के अध्यक्ष, पदाधिकारी और महिला विंग की सदस्य शामिल हुईं।