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Rampur Bushahar News: सेब के बगीचों में काट-छांट का कार्य जोरों पर

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विशेषज्ञ की सलाह, बागवान फरवरी में पूरा करें बगीचों का कार्य
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। सेब के बगीचों में काट-छांट का काम आजकल तेजी से चल रहा है। जमीन में भले ही पर्याप्त नमी नहीं है, लेकिन हर साल बागवानों को फल और पौधों के विकास के लिए रखरखाव का कार्य अनिवार्य रहता है। वहीं, विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि बागवान फरवरी महीने में सभी बगीचों की प्रूनिंग का कार्य पूरा करें। नवंबर महीने कें अंत और दिसंबर में पत्तझड़ के बाद सेब के बगीचों में हर साल काट-छांट का कार्य शुरू हो जाता है। सेब के फलों की गुणवत्ता बनाए रखने और अच्छी पैदावार के लिए सेब के पौधों की काट-छांट को जरूरी माना जाता है। इस बार लगातार सूखे के कारण भले ही बागवान चिंतित हैं, लेकिन बगीचों में प्रूनिंग का कार्य तय समय में पूरा करना होता है। उसके बाद गर्मी बढ़ने पर प्रूनिंग काम नहीं किया जा सकेगा। बागवानी विशेषज्ञ डाॅ. नरेंद्र कायथ ने बागवानों को सलाह दी है कि सेब के बगीचों में काट-छांट का कार्य प्रशिक्षित व्यक्ति से करवाएं। काट-छांट के दौरान पौधे को सही दिशा देने के साथ-साथ अच्छी पैदावार बनाए रखने का ध्यान रखना जरूरी है। सेब के पौधे की काट-छांट का कार्य फरवरी महीने के अंत तक पूरा होना जरूरी है। विशेषज्ञ ने बागवानों को सलाह दी है कि सेब के पौधे में कटे भाग पर साथ-साथ पेस्ट लगाएं। पौधे में कटे भाग पर लगने वाले पेस्ट की किस्म अच्छी होनी चाहिए। आधा इंच टहनियों के घाव तक पेस्ट जरूर लगाएं। यदि पौधे में समय पर पेस्ट नहीं लगता है, तो केंकर रोग की संभावना रहेगी। उन्होंने बागवानों से बगीचों में पर्याप्त नमी आने पर तौलिये बनाने व अन्य रख-रखाव के कार्य को भी समय के साथ पूरा करने की सलाह दी है।
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