रामपुर परियोजना के संविदा कर्मचारियों ने मांगों को लेकर किया प्रदर्शन। स्रोत : सीटू
परियोजना प्रबंधन से लंबित समझौतों को लागू करने की उठाई मांग
परियोजना प्रबंधन यूनियन से करे बातचीत, वरना होगी अनिश्चितकालीन हड़ताल : प्रमोद
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
नवरत्न एसजेवीएनएल की 412 मेगावाट रामपुर परियोजना में कार्यरत संविदा कर्मचारियों का शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन शुक्रवार को तीसरे दिन में प्रवेश कर गया। मजदूरों ने परियोजना प्रबंधन पर आरोप लगाया कि बार-बार हुए लिखित समझौतों और आश्वासनों के बावजूद आज तक उनकी मांगों को लागू नहीं किया गया है। यूनियन के अध्यक्ष प्रमोद कुमार ने कहा कि 28 अगस्त 2025 को एएलसी कार्यालय, चंडीगढ़ में ग्रेच्युटी संबंधी समझौता हुआ था। इसमें तीन महीने के भीतर ग्रेच्युटी नीति लागू करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन यह नीति आज तक लागू नहीं की गई है। उन्होंने चेतावनी दी की समय रहते प्रबंधन यूनियन के साथ सकारात्मक बातचीत का रुख अपनाए, अन्यथा यूनियन को मजबूरन अनिश्चितकालीन हड़ताल की ओर जाना पड़ेगा। महासचिव तिलक राज ने कहा कि मार्च 2026 में परियोजना प्रमुख को दिए गए मांगपत्र पर भी आज तक कोई सार्थक वार्ता नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 से अब तक हुए विभिन्न समझौतों और बैठकों के निर्णयों को लागू नहीं किया जा रहा है, जिससे मजदूरों में भारी असंतोष है। आरोप लगाया कि राइजिंग-डे के अवसर पर सिर्फ 1500 मेगावाट परियोजना के कुछ चुनिंदा कर्मचारियों को सम्मानित कर उनके खातों में प्रोत्साहन राशि दी गई, जबकि यूनियन ने सभी परियोजनाओं में कर्मचारियों को समान प्रोत्साहन देने का प्रस्ताव रखा था। यूनियन का कहना है कि यह मजदूरों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार है। तिलक राज ने आरोप लगाया कि 30 सितंबर 2025 को परियोजना प्रमुख के साथ हुए उस समझौते का भी उल्लेख किया, जिसमें कार्य के आधार पर पद एवं वेतन निर्धारित करने पर सहमति बनी थी। पहले इसे 1 जनवरी 2026 से और बाद में 1 अप्रैल 2026 से लागू करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन जून 2026 तक भी इसे लागू नहीं किया गया। तिलक राज ने कहा कि वेलफेयर कार्यालय का मासिक किराया भी पिछले 9 महीने से नहीं दिया जा रहा है और वेलफेयर कार्यालय के लिए उपयोगी सामग्री भी उपलब्ध नहीं करवाई गई है। उन्होंने कहा कि मजदूरों के साथ लगातार शोषण और भेदभाव किया जा रहा है। उनके वैध अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। सीटू जिला अध्यक्ष कुलदीप डोगरा ने कहा कि लंबे समय से कार्यरत संविदा कर्मचारियों के साथ न्याय नहीं हो रहा है। यूनियन ने परियोजना प्रबंधन से मांग की है कि एएलसी कार्यालय में हुए समझौतों, कार्य के आधार पर पद एवं वेतन संबंधी निर्णयों, मार्च 2026 के मांगपत्र पर तत्काल वार्ता कर सभी लंबित मांगों का शीघ्र समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि जब तक मजदूरों की न्याय संगत मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा।