लूहरी परियोजना कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते सीटू समर्थित मजदूर।
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रामपुर बुशहर। सतलुज पर निर्मित 210 मेगावाट लूहरी जल विद्युत परियोजना वर्कर्स यूनियन ने परियोजना निर्माण में जुटे मजदूरों को कंपनी से बाहर निकालने के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसमें रोषजदा मजदूरों ने सीटू के बैनर तले बिथल परियोजना कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की। सीटू जिलाध्यक्ष कुलदीप, भवन सड़क एवं अन्य निर्माण मजदूर यूनियन जिला महासचिव अमित, यूनियन अध्यक्ष कपिल और महासचिव हरदयाल ने कहा कि परियोजना में पटेल कंपनी और विभिन्न ठेकेदारों के माध्यम से कार्य कर रहे मजदूरों पर तानाशाह रवैया अपनाया जा रहा है। मजदूरों के लिए हायर और फायर की नीति अपनाई जा रही है।
अपने अधिकारों की बात करने वाले मजदूरों को बिना किसी नोटिस के डराकर धमकाकर बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रीसिसन कंपनी ने परियोजना में पुल, गेट और पाइपलाइन का काम करना है, जिसमें पिछले एक साल से करीब 40 से ज्यादा मजदूर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी ने 40 मजदूरों को गैर कानूनी तरीकों से बाहर निकाल दिया है, जबकि अभी भी परियोजना में कंपनी का काम खत्म नहीं हुआ है। मजदूर नेताओं ने कहा कि प्रीसिसन कंपनी श्रम कानूनों की खुले तौर पर उल्लंघन कर रही है।
कंपनी ने मजदूरों को फिक्स पेमेंट पर रखा है और मजदूरों का ईपीएफ काटा जा रहा है। इसमें कई मजदूरों ऐेसे हैं, जिन्हे बकाया वेतन नहीं दिया गया है। उन्होंने परियोजना प्रबंधन को चेतावनी दी कि अगर समय रहते मजदूरों को वापस काम पर नहीं रखा गया तो आंदोलन को उग्र रूप करके परियोजना का कार्य बंद कर दिया जाएगा। प्रदर्शन में मोहर सिंह, संसारी, राजपाल, दयाल, कुलदीप, अजय शर्मा और सतीश सहित अन्य मौजूद रहे।