चौपाल (रोहड़ू)। जिला परिषद सदस्य अतुल शर्मा ने सैंज एनएच-705 से देहा चौपाल-नेरवा-फेडच्यूल सड़क को एनएच घोषित करने का प्रस्ताव रखा है। यह सड़क चौपाल क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण है। प्रस्ताव में कहा गया कि यह सड़क स्थानीय लोगों के आवागमन को आसान बनाएगी। कृषि एवं बागवानी उत्पादों के परिवहन में भी मदद मिलेगी। इससे स्थानीय व्यापार, पर्यटन और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। यह मार्ग हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बीच सड़क संपर्क को मजबूत करेगा। यह सड़क वर्ष 2017 में राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) के रूप में सैद्धांतिक तौर पर प्रस्तावित हुई थी। हालांकि, इसे अभी तक अंतिम रूप से घोषित नहीं किया गया है। जिला परिषद सदस्य अतुल शर्मा ने चौपाल क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं का भी उल्लेख किया। चूड़धार और शिरगुल महाराज मंदिर जैसे धार्मिक स्थल इस क्षेत्र से जुड़े हैं। एनएच का दर्जा मिलने से बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा। इससे सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित होगा। कृषि-बागवानी, व्यापार और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। जिप सदस्य अतुल शर्मा ने हिमाचल प्रदेश सरकार से इस मामले में आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया। उन्होंने भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के समक्ष इस प्रस्ताव को प्रभावी रूप से उठाने को कहा। प्रस्ताव की एक प्रति मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश और लोक निर्माण विभाग मंत्री को भी भेजने की मांग की गई है।