संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। रणसार वैली के थली गांव में सोमवार को देवता गुडारू के नव निर्मित मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा शिखा पूजन के साथ पूरी हो गई। मंदिर में हवन में पूर्णाहुति डाली गई। इसके बाद ग्रामीणों की ओर से लाखों रुपये की लागत से निर्मित मंदिर देवता महासू विराजमान हो गए। देवता के मंदिर में प्रवेश होने के बाद लोगों का उत्साह देखने लायक था। सोमवार को धार्मिक अनुष्ठान के साक्षी हजारों लोग बने। वाद्ययंत्रों की धुनों पर दिनभर नाटियों का दौर चला। हाथ में डंडे-तलवार लेकर ढोल-नगाड़ों की थाप पर लोग झूमते रहे। इस अनुष्ठान के अवसर पर चार गांवों के हर घर में मेहमानों के लिए धाम परोसी जा रही है। देवताओं के साथ पहुंचे देवलू नियमों के अनुसार बाहर टेंटों में रातें गुजार रहे हैं। अनुष्ठान में गवास गांव से देवता गुडारू, देवीधार गांव से देवता खंटू और टोडसा गांव से देवता परशुराम मेहमान के तौर पर पहुंचे हैं। इस अनुष्ठान की मेजबानी थली के दो गांवों के साथ जांगला और मांदली के ग्रामीण कर रहे हैं। सोमवार को पूरी रात यहां नाटियों का दौर चला। हर घर में मेहमान पहुंचे हुए हैं। रोहड़ू के विधायक मोहन लाल ब्राक्टा अनुष्ठान में विशेष तौर पर उपस्थित रहे। मंदिर कमेटी के मोतमीन यशपाल डंडियाण ने कहा कि मंदिर की शिखा पूजन की मुख्य रस्म पूरी हो चुकी है। उन्होंने धार्मिक अनुष्ठान के आयोजन में सहयोग करने वाले और यहां पहुंचे मेहमानों का आभार जताया। मंगलवार 25 नवंबर को दोपहर बाद सभी मेहमानों की विदाई का समारोह होगा। मंदिर के उपाध्यक्ष शमशेर बोक्टू, प्रदीप मेहता और ठाणी अभिनाश ने बताया कि मंदिर के अलावा हर घर में लोगों के लिए धाम पक रही है। देवताओं के साथ आए खूदों के लिए अलग से तंबुओं में व्यवस्था की गई है। गांवों में अनुष्ठान को सफल बनाने के लिए सरकार की ओर से भी बिजली, पानी और अन्य व्यवस्थाओं के लिए पूरा सहयोग रहा है। अनुष्ठान में हवन यज्ञ और कुरड़ स्थापना के बाद देवता नए मंदिर में विराजमान हो गए हैं। मंदिर कमेटी व आयोजन करने वाले गांव के लोगों का सपना इस प्रतिष्ठा से साकार हुआ है।