संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। रणसार वैली के थली गांव में देवता गुडारू की प्राण प्रतिष्ठा के लिए रणसार क्षेत्र के चार गांवों की तैयारियों पूरी हो गई हैं। घरों के आंगनों में मेहमानों की दावत के लिए तंबू सज गए हैं। रविवार को दोपहर बाद से देवताओं के साथ मेहमानों का स्वागत शुरू हो जाएगा। इस धार्मिक अनुष्ठान में पूरे क्षेत्र से करीब 20 हजार लोगों के आने की संभावना है। मंदिर कमेटी की ओर से अनुष्ठान की अलग से तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। थली गांव में ग्रामीणों ने करीब 13 साल में लाखों रुपये की लागत से गुडारू देवता के दो मंदिरोंं का निर्माण करवाया है। अब निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ग्रामीण मंदिरों में देवता की प्राण प्रतिष्ठा के लिए जुट गए हैं। अनुष्ठान में गवास गांव से देवता गुडारू, देवीधार गांव से देवता खंटू और टोडसा गांव से देवता परशुराम मेहमान के तौर पर बुलाए गए हैं। इस अनुष्ठान में थली के दो गांवों के साथ जांगला और मांदली के ग्रामीण शामिल होंगे। मंदिर कमेटी के मोतमीन यशपाल डंडियाण ने बताया कि 23 नवंबर को देवताओं और मेहमानों का आगमन होगा। 24 नवंबर को अनुष्ठान की मुख्य रस्म शिखा पूजा होगी। इसके बाद यज्ञ में पूर्णाहुति डाली जाएगी। 25 नवंबर को सभी मेहमानों की विदाई का समारोह होगा। मंदिर के उपाध्यक्ष शमशेर बोक्टू, प्रदीप मेहता और ठाणी अभिनाश ने बताया कि इस दौरान मंदिर के अलावा अलग-अलग घरों में धाम पकेगी। देवताओं के साथ आए खूंदों के लिए अलग से तंबुओं में व्यवस्था रहेगी। उन्होंने कहा कि गांव में अनुष्ठान को सफल बनाने के लिए सरकार की ओर से भी बिजली, पानी और अन्य व्यवस्थाओं को पूरा कर लिया गया है। चार गांवों के ग्रामीणों की ओर से मेहमानवाजी के लिए सभी रिश्तेदारों को पूर्व सूचना पहुंचा दी गई है। अनुष्ठान में हवन यज्ञ और कुरड़ स्थापना के बाद देवता नए मंदिर में विराजमान होंगे। इन मंदिरों को पुरानी नक्काशी के साथ लकड़ी, पत्थर में काठ कुणी शैली के साथ तैयार किया गया है।