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ख्याति पाने को लाहौल-स्पीति से शुरू की महिलाओं को 1500 रुपये देने की योजना : ठाकुर

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पूर्व विधायक रवि ठाकुर रामपुर में प्रैसवार्ता करते हुए।
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राम मंदिर और वॉटर सेस की खिलाफत करने वाले सिंध्वी के खिलाफ दिया था वोट
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संवाद न्यूज एजेंसी

रामपुर बुशहर। कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के लोगों में ख्याति पाने के उद्देश्य से जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति से महिलाओं को 1500 रुपये देने की योजना शुरू की। यहां महिलाओं की आबादी प्रदेश के अन्य जिलों की अपेक्षा काफी कम है। ऐसे में कांग्रेस की यह योजना लोगों की आंखों में धूल झोंकने जैसी है। यह बात लाहौल-स्पीति का दौरा कर आए कांग्रेस से बागी हुए और अब भाजपा के बैनर तले लोकसभा उप चुनाव लड़ रहे रवि ठाकुर ने कही। उन्होंने कहा कि देश में कांग्रेस सहित अन्य प्रांतीय दलों 200 का आंकड़ा पार कर पाना मुश्किल है और ऐसे में कांग्रेस की सरकार कैसे बनेगी, देश की जनता जानती है। रामपुर में प्रेसवार्ता के दौरान रवि ठाकुर ने कहा कि राम मंदिर और प्रदेश को मिलने वाले वॉटर सेस के विरोध में प्रदेश कांग्रेस विधायकों ने राज्य सभा प्रत्याशी अभिषेक मनु सिंध्वी के खिलाफ वोट किया था। वो सिंध्वी ही थे, जिन्होंने राम मंदिर के अस्तित्व को स्वीकारने और प्रदेश को मिलने वाले दो हजार करोड़ के वॉटर सेस के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में केस लड़ा था। इसके विरोध में कांग्रेसी विधायकों ने हर्ष महाजन को अपना वोट दिया था ताकि केंद्र में सत्तासीन सरकार से प्रदेश को मदद मिल सके, लेकन प्रदेश कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया। इसी का नतीजा है कि आज वह कांग्रेस का दामन छोड़ भाजपा उम्मीदवार के तौर पर लाहौल-स्पीति से विस उपचुनाव लड़ रहे हैं। रवि ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार जहां न्यू इंडिया और डिजीटल इंडिया के क्षेत्र में कार्य कर रही है, वहीं प्रदेश सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों का बजट बढ़ाने के बजाय घटाया है, जिससे जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में रोष है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों का बजट नौ प्रतिशत से घटाकर ढाई प्रतिशत कर दिया है, जिसका जवाब जनता आने वाले लोकसभा और विधानसभा उपचुनाव में देंगे। उन्होंने कहा कि यदि वह चुनाव जीते तो लाहौल-स्पीति में जल शक्ति विभाग के तहत उठाऊ पेयजल योजना, सिंचाई योजनाएं, साहसिक और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। किसान बागवानों को नई तरह के उपकरण, बीज, खाद, सेमिनार, विदेशी तकनीक के तहत प्रशिक्षित किया जाएगा। - संवाद
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