रामपुर बुशहर। रामपुर और आसपास के क्षेत्रों में नशे के बढ़ते प्रचलन खासकर चिट्टे के इस्तेमाल को लेकर रामपुर क्षेत्र के फार्मासिस्टों ने चिंता जताई है। फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में फार्मासिस्टों ने मरीजों के हित, दवाओं के सुरक्षित, जिम्मेदार उपयोग और समाज के स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम में फार्मासिस्टों ने शपथ लेकर स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करने का संकल्प लिया। इस दौरान क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही नशे की समस्या पर चर्चा करते हुए फार्मासिस्टों ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षण संस्थानों, अभिभावकों और समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है। फार्मासिस्टों के प्रतिनिधिमंडल ने इस बारे में एसडीएम रामपुर को ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में स्वास्थ्य सेवाओं और जनकल्याण में फार्मासिस्टों के योगदान को रेखांकित करते हुए विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के दौरान निभाई गई भूमिका का उल्लेख किया गया। फार्मासिस्टों ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि क्षेत्र में नशा विरोधी अभियानों और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों में वे सक्रिय सहयोग करेंगे। साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य एवं जनकल्याण से जुड़े अभियानों में भी निरंतर भागीदारी का संकल्प लिया। फार्मासिस्टों का कहना है कि दवाओं के सुरक्षित उपयोग के साथ लोगों को स्वास्थ्य और नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना भी समय की महत्वपूर्ण जरूरत है। इस मौके पर स्वदेश कुमार, भास्कर शर्मा, सुरेश कुमार, नवीन भलूनी, अभिषेक नेगी, इशान मेहता सहित अन्य मौजूद रहे।