केंद्र सरकार की पाबंदी के बाद बढ़ेगी हजारों किसान-बागवानों की परेशानियां
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. पावर टिलर, स्प्रे मशीन और घास काटने की मशीनों के कार्य लटकेंगे संवाद न्यूज एजेंसी रामपुर बुशहर।
केंद्र सरकार के पेट्रोल और डीजल की पाबंदी के फरमान के बाद अपर शिमला के सेब बहुल क्षेत्रों में किसानों-बागवानों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। पेट्रोल पंपों पर कैन और बोतल में पेट्रोल-डीजल न देने के फैसले से किसान-बागवान निराश हैं। आने वाले दिनों में किसानों और बागवानों की दुश्वारियां और बढ़ सकती हैं। पेट्रोल और डीजल न मिलने से कृषि और बागवानी के कार्य पूरी तरह से प्रभावित होंगे। पावर टिलर, स्प्रे मशीन, घास और लकड़ी काटने की मशीनें बिना पेट्रोल-डीजल के नहीं चल पाएंगी। रामपुर उपमंडल की 12/20 घाटी के बागवान प्रेम चौहान ने कहा कि पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल न मिलने से परेशानी बढ़ गई है। सेब बगीचों में सप्ताह में एक बार स्प्रे करनी पड़ती है, लेकिन पेट्रोल-डीजल न मिलने से बागवानों को परेशानी झेलनी पड़ेगी। निरमंड क्षेत्र के कुलदीप का कहना है कि केंद्र सरकार की पेट्रोल-डीजल पर पाबंदी से किसान-बागवानों की परेशानी बढ़ गई है। कई पेट्रोल पंपों पर तेल कैन और बोतल में दिया जा रहा है, जबकि कई पेट्रोल पंप पर नहीं दे रहे हैं। रामपुर उपमंडल की लालसा पंचायत के तुला राम शर्मा ने कहा कि शहर के कई पेट्रोल पंपों पर कैन और बोतल में अब तेल नहीं दिया जा रहा है। केंद्र सरकार की पेट्रोल-डीजल पर राशनिंग किसानों पर भारी पड़ रही है। घास काटने की मशीन के लिए पेट्रोल नहीं मिल रहा है। निरमंड के संजीव कुमार का कहना है बिना पेट्रोल-डीजल के कैसे कृषि कार्य किए जाएंगे। केंद्र सरकार की पेट्रोल-डीजल पर पाबंदी से पावर टिलर, घास काटने की मशीन के कार्य लटक जाएंगे। किसानों को परेशानियां झेलनी पड़ेगी।