न्यायाधिकरण ने बीमा कंपनी को राशि जमा करने का दिया निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण-II, किन्नौर ने 19 साल पुराने एक सड़क दुर्घटना में घायल प्रदीप कुमार को 25 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह मुआवजा 7.5 फीसदी वार्षिक ब्याज के साथ दुर्घटना याचिका दायर करने की तारीख से भुगतान होने तक देय होगा। न्यायाधिकरण ने बीमा कंपनी को यह राशि जमा करने का आदेश दिया है, क्योंकि दुर्घटनाग्रस्त वाहन का बीमा इसी कंपनी से था। यह दुर्घटना 7 मई, 2007 को सुबह करीब दस बजे दत्तनगर फुट ब्रिज के पास हुई थी। प्रदीप कुमार पैदल जा रहे थे, तभी उन्हें एक वाहन ने टक्कर मार दी। वाहन चालक की लापरवाही से यह हादसा हुआ। प्रदीप कुमार को गंभीर चोटें आईं, जिसमें दाहिनी जांघ में फ्रैक्चर भी शामिल था। उन्हें एमजीएमएससी खानेरी में भर्ती कराया गया और चार दिन तक अस्पताल में रहे। प्रदीप कुमार ने अपनी याचिका में बताया कि दुर्घटना के कारण उन्हें शरीर, आंख और घुटने में चोटें आईं। दाहिनी जांघ में फ्रैक्चर के कारण वह अपनी दैनिक गतिविधियां नहीं कर पाते। उन्हें चौबीसों घंटे एक सहायक की आवश्यकता है। वह छड़ी के सहारे ही कुछ कदम चल पाते हैं। उन्होंने इलाज, दवा और यात्रा पर डेढ़ लाख रुपये से अधिक खर्च किए थे। हालांकि, उन्होंने अपने चिकित्सा बिल और विकलांगता प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किए थे। प्रदीप कुमार ने दस लाख रुपये के मुआवजे की मांग की थी। वाहन मालिक और बीमा कंपनी ने आरोपों से इन्कार किया था। न्यायाधिकरण ने सभी पक्षों की दलीलें सुनीं। साक्ष्यों के आधार पर न्यायाधिकरण ने पाया कि दुर्घटना चालक की लापरवाही से हुई थी। प्रदीप कुमार को चोटें आईं और वह मुआवजे के हकदार हैं। वाहन का बीमा था और चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस था। चिकित्सा बिलों और विकलांगता प्रमाण पत्र के अभाव में, न्यायाधिकरण ने अनुमान के आधार पर 25 हजार रुपये का मुआवजा तय किया। यह राशि बीमा कंपनी की ओर से भुगतान की जाएगी।