शिकायतकर्ता को 1.30 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत ने एक लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में आरोपी को दोषी ठहराया है। दोषी को एक साल की साधारण कैद की सजा सुनाई गई है। साथ ही शिकायतकर्ता को 1.30 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। यदि दोषी यह रकम नहीं चुकाता है, तो उसे चार महीने की साधारण कैद भी भुगतनी होगी। दोषी को यह भी आदेश दिया है कि वह फैसले की तारीख से एक महीने के भीतर शिकायतकर्ता को मुआवजा दे। शिकायतकर्ता तिलक ने सुरेंद्र के खिलाफ 2019 में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने शिकायतकर्ता से अदालत के बाहर मामले को निपटाने का अनुरोध किया था। उसने वादा किया था कि वह दो महीने के भीतर पूरी राशि का भुगतान कर देंगे। इस समझौते के बाद आरोपी ने एक लाख रुपये का चेक जारी किया। यह चेक बाउंस हो गया। शिकायतकर्ता ने कानूनी नोटिस भेजा लेकिन आरोपी ने भुगतान नहीं किया। आरोपी ने आरोपों से इन्कार किया और मुकदमे का दावा किया। हालांकि, बाद में उसने शिकायतकर्ता के मामले को पूरी तरह स्वीकार कर लिया। आरोपी ने अदालत को बताया कि वह किस्तों में भुगतान करेगा। उसने पांच हजार रुपये का भुगतान करने की बात भी स्वीकार की। शेष राशि का भुगतान करने के लिए समय मांगा गया था लेकिन कोई भुगतान नहीं किया गया। अदालत ने पाया कि आरोपी ने अपनी कानूनी देनदारी के निर्वहन के लिए चेक जारी किया था। चेक बाउंस होने और कानूनी नोटिस के बावजूद भुगतान न करने के सभी आवश्यक तत्व पूरे हुए। अदालत ने कहा कि आरोपी अपने बचाव में कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर पाया।