काजा (लाहौल-स्पीति)। प्रधान महालेखाकार (लेखा व हकदारी) कार्यालय ने काजा में पेंशन और सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) अदालत और लेखा कार्यशाला का आयोजन किया। यह आयोजन भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक के दिशा-निर्देशों पर उपमंडल स्तर पर किया गया। कार्यशाला एडीसी कार्यालय के सम्मेलन कक्ष में वीरवार को हुई। इसमें उप-मंडल स्तर के सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों, मंडलीय लेखा अधिकारियों और कोष अधिकारियों ने भाग लिया। प्रधान महालेखाकार सुशील ठाकुर ने कार्यशाला का शुभारंभ किया। उन्होंने ऐसे आयोजनों के महत्व पर बल दिया। ठाकुर ने कहा कि इन कार्यशालाओं से पेंशनरों की लंबित समस्याओं को हल करने में मदद मिलती है। साथ ही, आहरण एवं संवितरण अधिकारी (डीडीओ) और कोष स्तर पर भी पेंशन तथा जीपीएफ से संबंधित मामलों को क्रियान्वित करने में सहयोग मिलता है। तहसीलदार धर्मपाल नेगी और कोषाधिकारी देवेंद्र ठाकुर भी इस अवसर पर उपस्थित थे। प्रधान महालेखाकार कार्यालय, शिमला के वरिष्ठ लेखा अधिकारी मदन भारद्वाज ने पेंशन और जीपीएफ से संबंधित प्रस्तुति दी। वरिष्ठ लेखा अधिकारी सुधीर राणा ने लेखों की गुणवत्ता और महत्ता पर प्रस्तुति दी। इस अवसर पर प्रधान महालेखाकार कार्यालय, शिमला से आकाश डोगरा, सहायक लेखा अधिकारी देवेंद्र लाकरा और सहायक लेखा अधिकारी शुभांशु गुप्ता उपस्थित थे। पर्यवेक्षक प्रकाश नेगी, वरिष्ठ लेखाकार रविंद्र और तकनीकी सहायक किशन डोगरा ने भी इस कार्यशाला में अपना योगदान दिया।