. मंगलवार, बुधवार और वीरवार को होगा विशेष राजस्व लोक अदालतों का आयोजन
. तहसीलदार और नायब प्रत्येक शनिवार को अतिरिक्त उपायुक्त को सौंपेंगे प्रगति रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। राजस्व विभाग में लंबित तकसीम के मामलों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। लंबे समय से ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के लोग तकसीम के मामले न निपटने से परेशानी झेल रहे हैं, लेकिन अब सरकार ने नया फरमान जारी कर 31 दिसंबर 2025 तक लंबित राजस्व संशोधन मामलों का 31 मार्च तक निपटारा करने के निर्देश दिए हैं। सप्ताह के मंगलवार, बुधवार और वीरवार को विशेष राजस्व लोक अदालतें लगेंगी। तहसीलदार और नायब तहसीलदार शनिवार को इसकी प्रगति रिपोर्ट अतिरिक्त उपायुक्त को सौंपेंगे। सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के हजारों परिवारों को राहत पहुंचेगी। एसडीएम हर्ष अमरेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार के संज्ञान में आया है कि राज्य में कई साल से लंबित तकसीम के मामलों की बढ़ती संख्या के कारण आम जनता को असुविधा हो रही है, जबकि कानून के तहत उनके निर्णय के लिए समय सीमा निर्धारित की गई है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि संबंधित तहसीलदार, नायब तहसीलदार तकसीम मामलों के प्राथमिकता के आधार पर निर्णय के लिए 6 जनवरी से अगले आदेश तक प्रत्येक मंगलवार, बुधवार और वीरवार को विशेष राजस्व लोक अदालतों (विभाजन) का आयोजन करेंगे। तहसीलदार, नायब तहसीलदार विशेष राजस्व लोक अदालत के आयोजन के बाद पूरी तहसील, उप तहसील की प्रगति रिपोर्ट उपायुक्त को भेजेंगे। संबंधित उपमंडल कलेक्टर इन लोक अदालतों के आयोजन के समय दैनिक आधार पर इनकी प्रगति की निगरानी करेंगे। उपायुक्त प्रत्येक शनिवार को विशेष राजस्व लोक अदालत (विभाजन) की प्रगति की समीक्षा करेंगे और हर शनिवार को अतिरिक्त उपायुक्त को प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) उपरोक्त लोक अदालत की समेकित समीक्षा, प्रगति रिपोर्ट हर सोमवार को राजस्व मंत्री को प्रस्तुत करेंगे, जबकि राजस्व मंत्री हर माह के अंतिम सोमवार को मुख्यमंत्री को इसकी जानकारी देंगे। साथ ही सभी जिलों में 31 दिसंबर तक लंबित राजस्व संशोधन मामलों को 31 मार्च तक समाप्त करने का निर्देश दिया गया है।