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Rampur Bushahar News: नेरवा मंडी में मटर की बहार, किसानों को मिल रहे बेहतर दाम

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नेरवा सब्जी मंडी में पहुंची मटर की बोरियां। संवाद
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. मंडी में प्रतिदिन 180 से 250 क्विंटल मटर पहुंच रहा
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. गुणवत्ता के आधार पर मटर 30 से 60 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा
. उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात की मंडियों में भेजी जा रही खेप
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू)।
चौपाल उपमंडल के ऊपरी क्षेत्रों में इन दिनों मटर का सीजन चरम पर है। नेरवा सब्जी मंडी मटर की आवक से गुलजार है। यहां का उच्च गुणवत्ता वाला मटर स्थानीय बाजारों के साथ उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात तक अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करवा रहा है। सब्जी मंडी में पिछले कुछ दिनों से मटर की भरपूर आवक देखी जा रही है। नेरवा सब्जी मंडी में आढ़त का कार्य करने वाले व्यापारी ओम प्रकाश चौहान ने बताया कि हाल ही में हुई अच्छी बारिश के बाद मटर की आवक तेज हुई है। वर्तमान में मंडी में प्रतिदिन लगभग 180 से 250 क्विंटल मटर पहुंच रहा है। किसानों को इस बार उनकी मेहनत का अच्छा मूल्य मिल रहा है। गुणवत्ता के आधार पर मटर 30 से 60 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है, जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। मैदानी इलाकों में मटर की फसल समाप्त होने के चलते पहाड़ी मटर की मांग में अचानक वृद्धि हुई है। यहां से मटर की खेप मुख्य रूप से उत्तराखंड के देहरादून और विकासनगर, उत्तर प्रदेश के मेरठ, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर के साथ महाराष्ट्र और गुजरात की मंडियों में भेजी जा रही है। व्यापारी के अनुसार, पहाड़ी मटर मैदानी मटर की तुलना में अधिक स्वादिष्ट और टिकाऊ होता है, जिसके चलते बड़े शहरों और होटलों में इसकी मांग ज्यादा रहती है। किसान सूरत राम शर्मा, सलीमो दीन, बालकृष्ण और राम लाल ने बताया कि इस वर्ष फसल की गुणवत्ता काफी अच्छी है। हालांकि, शुरुआत में मौसम को लेकर चिंता बनी हुई थी, लेकिन अब बेहतर दाम मिलने से किसानों को राहत मिली है। उनका कहना है कि यदि बाजार भाव इसी तरह स्थिर रहे, तो यह सीजन आर्थिक रूप से काफी लाभकारी साबित होगा।नेरवा मंडी में मटर के कारोबार में आई इस तेजी का असर केवल किसानों तक सीमित नहीं है। लदान, परिवहन और मजदूरी से जुड़े सैकड़ों लोगों को भी रोजगार मिल रहा है। पिकअप, बोलेरो कैंपर और अन्य छोटे मालवाहक वाहन मटर की खेप को बाहरी मंडियों तक पहुंचाने में जुटे हुए हैं।
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