सात आचार्यों ने किया पूजा, जप और पाठ, कीर्तन मंडली ने भजनों से बांधा समां
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
निरमंड/रामपुर बुशहर। भगवान परशुराम की नगरी निरमंड में परशुराम जयंती धूमधाम से मनाई गई। परशुराम मंदिर कमेटी ने भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया। कीर्तन मंडली के भजनों से माहौल भक्तिमय हो गया। मंदिर में सुबह सात आचार्यों ने पूजा-पाठ किया। उसके बाद भगवान परशुराम, गायत्री और महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया गया। सुबह से लेकर दोपहर तक पूजा-पाठ और हवन का दौर चलता रहा। दो बजे के बाद भजन-कीर्तन का खूब दौर चला। भजन मंडली ने एक से बढ़कर भजन पेश कर ग्रामीणों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शाम के समय मंदिर कमेटी ने लोगों को प्रसाद वितरित किया। इस कार्यक्रम में निरमंड, शरकोटी, शिशवी, नावर सहित अन्य क्षेत्रों से आए लोगों ने भाग लिया। वहीं, ब्राह्मण समाज सुधार सभा रामपुर ने अयोध्यानाथ मंदिर परिसर में परशुराम जयंती मनाई। सभा के प्रधान राम रतन शर्मा ने बताया कि भगवान परशुराम भगवान विष्णु के छठे अवतार माने जाते हैं। वे अपने माता-पिता के आज्ञाकारी पुत्र थे और उन्होंने पृथ्वी से अधर्म और अत्याचार को समाप्त करने का संकल्प लिया था। इस मौके पर प्रेम शर्मा, पूज्य देव शर्मा, सत्य देव शर्मा, श्रवण शर्मा, एके गोस्वामी, कृष्ण गोपाल भारद्वाज सहित अन्य मौजूद रहे।
निरमंड में परशुराम जन्मोत्सव पर हवन यज्ञ करते आचार्य। स्रोत : जागरूक पाठक