मंगलाड खड्ड में पंचायतों का कचरा लगाया जा रहा ठिकाने
. रामपुर खंड में प्लास्टिक और दूसरा कूड़ा संयंत्र का कार्य पड़ा है अधूरा
. नदी-नालों में कूड़ा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने में नाकाम बोर्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। नियमों को ताक पर रखकर ज्यूरी के मंगलाड और आसपास नदी-नालों में पंचायतों का कूड़ा-कचरा ठिकाने लगाया जा रहा है। झाकड़ी से बधाल तक के क्षेत्र से कूड़ा-कचरा इकट्ठा कर नालों, खड्ड और नदी में डाला जा रहा है। इससे पर्यावरण और नदी-नालों का पानी दूषित हो रहा है। यहां सिर्फ कागजों में सफाई व्यवस्था है, लेकिन हकीकत में नदी-नाले कूड़े-कचरे से प्रदूषित हो रहे हैं। सरकार पर्यावरण को बचाने के लिए कागजों में तो खूब प्रचार करती है, लेकिन कचरा प्रबंधन के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। ज्यूरी के मंगलाड में ही कचरा प्रबंधन संयंत्र और प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बजट के अभाव में लटका हुआ है। बजट और विभाग की लेटलतीफी के कारण दोनों संयंत्रों के काम अधूरे पड़े हैं। क्षेत्र के संजय कुमार, मान सिंह, राजेश्वर सिंह, राम दास, गोविंद सिंह, अमर सिंह, मोहन लाल और रमेश का कहना है कि मंगलाड खड्ड और उसके आसपास ज्यूरी, रतनपुर और झाकड़ी की ओर से गाड़ियों में कूड़ा-कचरा इकट्ठा कर लाया जाता है और सारा कचरा मंगलाड खड्ड और नदी में डाल दिया जाता है। गर्मी में तापमान बढ़ने से कचरे की दुर्गंध पूरे क्षेत्र के पर्यावरण को दूषित कर रहा है। उन्होंने बताया कि जैसे- जैसे गर्मी बढ़ेगी, वैसे-वैसे दुर्गंध बढ़ेगी और सांस लेने में दिक्कत होगी। इससे कई बीमारियों का कारण भी बनेगा। लोगों ने मांग की है कि प्रदूषण बोर्ड गाड़ियों से कूड़ा-कचरा लाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करे।
नदी-नालों में कूड़ा-कचरा फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उनकी पहचान कर चालान कटवाए जाएंगे। -
लोकेश,
कनिष्ठ अभियंता, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड रामपुर