रामपुर के सरकारी कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों में मॉकड्रिल और जागरूकता गतिविधियां का आयोजन
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आपदा प्रबंधन योजनाओं की समीक्षा भी की गई
रामपुर बुशहर। भूकंप जागरूकता दिवस पर शनिवार को रामपुर उपमंडल के सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों और अन्य संस्थानों में मॉकड्रिल और जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों, अधिकारियों और कर्मचारियों को भूकंप के दौरान बचाव के तरीके बताए गए। ड्रॉप, कवर और होल्ड तकनीक का व्यावहारिक अभ्यास करवाया गया, जिससे प्रतिभागियों को वास्तविक परिस्थितियों में स्वयं को सुरक्षित रखने की विधि समझाई जा सके। उपमंडल प्रशासन के निर्देशानुसार सभी विभागों और संस्थानों ने अपने-अपने आपदा प्रबंधन योजनाओं की समीक्षा की गई। साथ ही आपातकालीन स्थिति में विभिन्न अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारियों का स्पष्ट निर्धारण किया गया ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में प्रभावी एवं समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके। एसडीएम हर्ष अमरेंद्र सिंह ने बताया कि वर्ष 1905 में कांगड़ा में भूकंप एक गंभीर त्रासदी थी, जो हमें आज भी आपदा प्रबंधन के प्रति सजग रहने की सीख देता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल और जागरूकता गतिविधियां न केवल आमजन को सचेत करती हैं, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में जानमाल के नुकसान को न्यूनतम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने सभी विभागों, शिक्षण संस्थानों और संबंधित इकाइयों से भविष्य में भी नियमित रूप से इस प्रकार की मॉक ड्रिल आयोजित करने, आपदा प्रबंधन योजनाओं को अद्यतन रखने का आह्वान किया।
रामपुर के करतोट स्कूल में भूकंप से निपटने की बारीकियां सीखते बच्चे। संवाद