रोहड़ू एसडीएम अदालत ने सुनाया फैसला, नहीं हटाया तो पुलिस की मदद ली जाएगी
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। एसडीएम रोहड़ू की अदालत ने चिड़गांव क्षेत्र की ग्राम पंचायत सिंदासली में सार्वजनिक सड़क पर अवरोध को लेकर चल रहे विवाद में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने प्रतिवादी सुरभा सिंह को चिड़गांव-खाबल-सिंदासली-बोसारी-जगतवानी-गोक्सावरी सड़क पर लगाए गए अवरोध को 48 घंटे के भीतर हटाने का आदेश दिया है। आदेश का पालन न होने पर लोक निर्माण विभाग रोहड़ू मंडल को पुलिस की सहायता से अवरोध हटाकर सड़क को आम लोगों के लिए बहाल करने का आदेश दिया है। यह याचिका सिंदासली पंचायत की आम जनता की ओर से दाखिल की गई थी। याचिका में आरोप था कि 24 जून को सड़क पर पत्थर रखकर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई थी। इससे एचआरटीसी बस सेवा सहित स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि यह सड़क कई वर्षों से आम जनता द्वारा उपयोग की जा रही है। वर्ष 2007 से इस मार्ग पर एचआरटीसी की नियमित बस सेवा भी चल रही है। आसपास के लगभग दो से ढाई हजार लोग इस सड़क पर आवागमन के लिए निर्भर हैं। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता, एचआरटीसी अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अदालत में गवाही दी। इस गवाही के आधार पर अदालत ने माना कि सड़क पर अवरोध से सार्वजनिक असुविधा हुई। इससे क्षेत्र में शांति भंग होने की आशंका भी उत्पन्न हुई। अदालत ने सुरभा सिंह को 48 घंटे के भीतर अवरोध हटाने का आदेश दिया है। यदि आदेश का पालन नहीं होता है, तो लोक निर्माण विभाग रोहड़ू मंडल पुलिस थाना चिड़गांव की मदद से अवरोध हटाएगा। विभाग को कार्रवाई के बाद सात दिन के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। पुलिस को कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। उपमंडलीय दंडाधिकारी धर्मेश रामोत्रा ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह निर्णय केवल सार्वजनिक मार्ग से अवरोध हटाने तक सीमित है। भूमि स्वामित्व, अधिग्रहण या मुआवजे से जुड़े सभी विवाद सक्षम दीवानी न्यायालय में ही तय होंगे। इस आदेश का उन दीवानी अधिकारों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।