रिकांगपिओ (किन्नौर)। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा किन्नौर जिला उपाध्यक्ष भगत पोंथपांग ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से आयोजित धर्म सम्मेलन के विरोध पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने जिले के बुद्धिजीवियों और विशेषकर एक महिला की ओर से दिए गए बयान हम हिंदू नहीं हैं की कड़ी निंदा की है। पोंथपांग ने उन तर्कों को खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि किन्नौर के लोग हिंदू नहीं बल्कि प्रकृति के पुजारी हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि हम हिंदू नहीं हैं, तो हम दिवाली, दशहरा और करवाचौथ जैसे त्योहार क्यों मनाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किन्नौर का समाज पूर्णत: हिंदू धर्म और सनातन परंपराओं को मानता है और कुछ लोगों की निजी राय पूरे समुदाय की सोच नहीं हो सकती। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते हिंदू समाज जागरूक नहीं हुआ, तो आने वाले समय में किन्नौर की संस्कृति को बचाना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ एक हिंदू संगठन है, जो केवल सनातन धर्म का प्रचार कर रहा है। इसके आने से उन लोगों की बोलती बंद हो गई है, जो गुपचुप तरीके से धर्म परिवर्तन की कूटनीति चला रहे थे। उन्होंने किन्नौर वासियों से आग्रह किया है कि वे किसी के बहकावे में न आएं और आरएसएस के प्रति हीन भावना न रखें। जो लोग इस सम्मेलन को राजनीतिक तूल दे रहे हैं, वे असल में सनातन धर्म को कमजोर करना चाहते हैं।