रोहडू। गवास गांव में शांतड़ी धार्मिक अनुष्ठान के दौरान पारंपरिक धाम लगातार पक रही है। अनुष्ठान में आने वाले किसी भी श्रद्धालु के लिए भोजन की मनाही नहीं है। जो भी व्यक्ति गांव या मंदिर परिसर में पहुंचता है, वह सम्मानपूर्वक धाम ग्रहण कर सकता है। मंदिर में अलग से धाम की विशेष व्यवस्था की गई है, जबकि खूंदों के ठिकानों में भी भोजन की सुविधा उपलब्ध रहती है। कई श्रद्धालु स्वयं अपने–अपने तंबुओं में खाना तैयार करते हैं और सामूहिक रूप से अनुष्ठान में भाग लेते हैं। ग्रामीणों के अनुसार यह खुली धाम देव परंपरा की आपसी भाईचारे की अनूठी मिसाल प्रस्तुत कर रही है।