हिम लोक जागृति मंच, जिला वन अधिकार संघर्ष समिति किन्नौर और एसआरडीए मंडी के सयुक्त तत्वादान आयो
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। हिम लोक जागृति मंच, जिला वन अधिकार संघर्ष समिति किन्नौर और एसआरडीए मंडी के संयुक्त तत्वाधान में आंबेडकर भवन में एक दिवसीय कार्यशाला लगाई गई। कार्यशाला में वन अधिकार अधिनियम 2006 के क्रियान्वयन, नौतोड़ बहाली के विकल्पों पर चर्चा, जलवायु परिवर्तन, उसके जल विद्युत परियोजनाओं का प्रभाव और जनजातीय कानूनों पर चर्चा की गई । कार्यशाला में अधिकारी मेशवर नेगी ने बताया कि वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत अभी तक किन्नौर 344 व्यक्तिगत दावे और एक सामूहिक दावा मंजूर हुआ है, जिसे गति देने की जरूरत है। इस एक दिवसीय कार्यशाला में किन्नौर के विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधि, वन अधिकार समिति के सदस्य व लोग मौजूद रहे। मुख्य वक्ताओं में विशेषज्ञ दियालय नीति अभियान के गुमान सिंह, हिम लोक जागृति मंच सेआरएस नेगी, एसआरडीए मंडी से प्रकाश अम्हारी, जिला वन अधिकार समिति किन्नौर से जिया लाल नेगी, परमेशवर नेगी, पक्ष्या दोर्जे और रोशन लाल ने संबोधित किया। पांचवीं अनुसूची के तहत महामहिम एफसीए को निरस्त कर नौतोड़ बहाल कर सकते हैं। इस पर वर्तमान सरकार भी पुरजोर पैरवी कर रही है।