आनी में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन का मलबा पहुंचा सडक़ पर, यातायात ठप। स्रोत : जागरूक पाठक
. कंडूगाड़-पटरना सड़क मार्ग की बहाली में लगेंगे 1 करोड़ से अधिक
. यातायात व्यवस्था ठप होने से बढ़ी ग्रामीणों की परेशानियां
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)।
आनी उपमंडल में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण सड़क नेटवर्क को व्यापक नुकसान पहुंचा है। बारिश और भूस्खलन के चलते उपमंडल की नौ सड़कें प्रभावित हुई हैं, जिनमें अधिकांश मार्ग सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही के लिए बंद हैं। लोक निर्माण विभाग की ओर से बंद सड़कों को बहाल करने के लिए जेसीबी मशीनें तैनात कर दी गई हैं और युद्धस्तर पर बहाली कार्य किया जा रहा है। बारिश से श्वाड़-कराणा सड़क बंद है। यहां एक जेसीबी तैनात की गई है और सड़क को 20 अगस्त तक बहाल करने का लक्ष्य रखा गया है। इसकी बहाली पर करीब 2.50 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। नैनावती-कराड़ सड़क बंद है। यहां निजी जेसीबी लगाई गई है और 20 अगस्त तक मार्ग बहाल करने का लक्ष्य है। इसकी अनुमानित लागत 4.50 लाख रुपये है। इसी तरह रणाबाग-करशेईगाड़ सड़क किलोमीटर बंद है। यहां भी निजी जेसीबी तैनात कर दी गई है और 20 अगस्त तक सड़क खोलने का लक्ष्य है। करशैगाड़-करशाला सड़क बंद है, जिसकी बहाली के लिए करीब 12 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस मार्ग को 25 अगस्त तक खोलने का लक्ष्य रखा गया है। च्वाई-टिप्पर सड़क भी बंद है। इसकी बहाली पर करीब 15 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है और 21 अगस्त तक सड़क खोलने का लक्ष्य है। कंडूगाड़-जाओं सड़क भी वाहनों के लिए बंद है। यहां निजी जेसीबी तैनात की गई है और बहाली पर करीब 45 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। सबसे अधिक नुकसान कंडूगाड़-पटरना सड़क को हुआ है। यह सड़क पूरी तरह बंद है। विभाग ने जेसीबी तैनात कर दी है। सड़क की बहाली में करीब 65 लाख रुपये का प्रारंभिक खर्च अनुमानित है, जबकि मार्ग को हुए भारी नुकसान को देखते हुए इसकी कुल बहाली लागत एक करोड़ रुपये से अधिक होने की संभावना है। इसे 30 अगस्त तक बहाल करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा कुफरीधार-जतेर सड़क बंद है, जिसकी बहाली पर 7.50 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है और इसे 20 अगस्त तक खोलने का लक्ष्य है। खानाग-शुश-रोहाचडा से बालू-बलेरह सड़क केवल भारी वाहनों के लिए बंद है। यहां जेसीबी तैनात है और 30 अगस्त तक बहाली का लक्ष्य रखा गया है। इसकी अनुमानित लागत 12 लाख रुपये है। उधर, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता मनीष ने बताया कि बारिश से प्रभावित मार्गों की बहाली के लिए विभागीय मशीनरी लगातार काम कर रही है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था जल्द सामान्य हो सके।