यह पर्व भक्त की रक्षा और भगवान की कृपा का प्रतीक : पं. योगराज
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। शिंगला में रविवार को नरसिंह जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर नरसिंह मंदिर में भजन-कीर्तन का खूब दौर चला और भक्त भी खूब झूमे। शनिवार रात को जागरण का आयोजन भी किया गया। रविवार को कथा और भंडारे का आयोजन किया गया। नरसिंह कथावाचक पंडित योगराज गौतम ने श्रद्धालुओं को कथा सुनाई। कथा में नरसिंह जयंती के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया। पंडित योगराज गौतम ने कहा कि शिंगला में नरसिंह जयंती का उत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार की याद में मनाया जाने वाला यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। भक्त की रक्षा और भगवान की कृपा का भी प्रतीक है। इस दिन भगवान नरसिंह की पूजा-अर्चना करने से भय और संकट का नाश होता है। नरसिंह जयंती के दिन मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। भक्तों ने भगवान नरसिंह की आरती की और भजन-कीर्तन पर खूब थिरके। कई लोगों ने व्रत रखा और भगवान नरसिंह को भोग लगाया। पंचामृत से भगवान का अभिषेक किया। चंदन, हल्दी, कुमकुम, पुष्प और गुड़-चना का भोग अर्पित किया। कहा कि नरसिंह जयंती का उत्सव धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह पर्व लोगों को एकता और भक्ति के साथ एक साथ लाता है। वहीं, मंदिर में भंडारे का आयोजन भी किया गया। सैकड़ों लोगों ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। महिलाओं ने मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का दौर चलाया।
- संवाद
शिंगला में नरसिंह जंयती पर भजन-कीर्तन पर झूमे लोग। संवाद