कल्पा, सांगला, छितकुल में रात को माइनस में पहुंच रहा तापमान
. पेयजल पाइपों में भी सुबह और शाम जमने लगा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर/रिकांगपिओ(किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर के पूह उपमंडल के पर्यटन स्थल नाको में कड़ाके की ठंड से प्राकृतिक झील पूरी तरह से जम चुकी है। इन दिनों देश-विदेश से आए पर्यटक इस झील पर स्केटिंग का मजा ले रहे हैं और झील के बीच जाकर सेल्फी ले रहे हैं। वहीं, झील के जमने से स्थानीय लोगों की मुसीबत बढ़ गई हैं। लोगों को अपने मवेशियों को अन्य स्रोतों से पानी प्रबंध करना पड़ रहा है। गांवों में पेयजल के लिए भी लोग तरस रहे हैं। नाको में इन दिनों तापमान माइनस से काफी नीचे आ गया है। नाको में प्राकृतिक झील हर साल दिसंबर के बाद जमनी शुरू हो जाती है और मार्च तक जमी रहती है। नाको झील करीब 3500 मीटर की ऊंचाई पर है। इसके अलावा जिले के अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी रात के समय तापमान माइनस में पहुंच रहा है। सुबह और शाम को पेयजल पाइपों में पानी जमना शुरू हो गया है। मौसम विभाग शिमला के अनुसार कल्पा में अधिकतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापतान माइनस चार डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। सांगला और छितकुल में अधिकतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान माइनस 12 डिग्री दर्ज किया गया है। स्पीति वैली में अधिकतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान माइनस 7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है। हालांकि, इस बार बर्फबारी नहीं होने से किन्नौर की पहाड़ियां भूरी ही दिखाई दे रही हैं। बागवानों, होटल कारोबारियों और पर्यटकों को अभी भी बर्फबारी का इंतजार है। तिब्बत सीमा के पास छितकुल में अंतिम बार बर्फबारी 5 नवंबर को हुई थी। इसके बाद से न तो बारिश और न बर्फबारी हुई है।