रोहड़ू। लंबे समय से लंबित विवादों के समाधान और लोगों को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिमला मध्यस्थता को बढ़ावा दे रहा है। इसके लिए मध्यस्थता जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को इस प्रक्रिया के प्रति प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी उमेश वर्मा ने बताया कि मध्यस्थता राष्ट्र के लिए 3.0 अभियान एक अगस्त से 31 दिसंबर तक चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता विवादों के समाधान का सरल, गोपनीय और कम खर्चीला माध्यम है। इसमें प्रशिक्षित मध्यस्थ की सहायता से दोनों पक्ष आपसी सहमति के आधार पर विवाद सुलझा सकते हैं। उन्होंने बताया कि मध्यस्थता से समय और धन की बचत होती है और पक्षकारों के बीच संबंध भी बेहतर बने रहते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि लंबित विवादों को शीघ्र सुलझाने के लिए मध्यस्थता का लाभ उठाएं।