. साल 2022 में हुए सड़क हादसे में गई थी नेरवा के व्यक्ति की जान
. मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण-IV शिमला ने दिया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण-IV शिमला ने सड़क हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पत्नी और बेटी को 6.01 लाख का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह मुआवजा बीमा कंपनी को देना होगा। व्यक्ति की मौत साल 2022 में ट्रक और कार की टक्कर में हुई थी। याचिका के अनुसार 1 अक्तूबर 2022 को नेरवा के शिहरी गांव के प्रताप सिंह कार में सूरत सिंह के साथ शिमला से नेरवा जा रहे थे। कार को किरपा राम चला रहा था। जब वे ढली के पास पहुंचे, तो एक ट्रक ने उनकी कार को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ट्रक कार पर पलट गया। प्रताप सिंह और किरपा राम को गंभीर चोटें आईं। उन्हें आईजीएमसी शिमला ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। मृतक प्रताप सिंह नंबरदार और एक किसान थे। प्रताप सिंह की मृत्यु के बाद याचिकाकर्ता उनकी पत्नी और बेटियों का सामान्य जीवन जीना मुश्किल हो गया है, क्योंकि वे पूरी तरह से उस पर निर्भर थे। मामले में ट्रक के मालिक, चालक और ट्रक का बीमा करने वाली कंपनी को प्रतिवादी बनाया गया। सभी ने याचिका को खारिज करने की अपील की। अदालत ने फैसला दिया है कि निष्कर्षों के परिणामस्वरूप याचिका स्वीकार की जाती है। मृतक प्रताप सिंह की पत्नी और बेटी 6,01,000 रुपये मुआवजे की हकदार हैं। मुआवजे की ब्याज सहित बीमा कंपनी की ओर से 30 दिनों में भरपाई करने का आदेश दिया है।